पुणे, 19 अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार गुट के नेता सुनील तटकरे ने शनिवार को कहा कि राकांपा अगर विचारधारा में अंतर होने के बावजूद शिवसेना से गठबंधन कर सकती है तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से क्यों नहीं हाथ मिला सकती।
शरद पवार द्वारा स्थापित राकांपा के नेता अजित पवार सहित नौ विधायकों ने पिछले महीने पार्टी को तोड़ने के बाद भाजपा से हाथ मिला लिया था और राज्य सरकार में मंत्री पद की शपथ ली थी।
महा विकास आघाडी (एमवीए) के घटक के तौर पर अविभाजित राकांपा ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना से गठबंधन किया था, लेकिन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में बगावत होने पर एमवीए सरकार गिर गई थी।
तटकरे ने यहां आयोजित पार्टी कार्यक्रम में कहा, ‘‘2019 में हम भाजपा और शिवसेना के खिलाफ लड़े। जब नतीजे (विधानसभा चुनाव के) आए तब शरद पवार ने एमवीए गठन की पहल की। इसके बाद हमने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वैचारिक मतभेदों के बावजूद हमने शिवसेना के साथ गठबंधन किया। अब अगर हम भाजपा के साथ हैं तो इसमें क्या समस्या है।’’
तटकरे ने कहा कि राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए गए अजित पवार ने अपनी कड़ी मेहनत की वजह से पुणे के लोगों का भरोसा जीता है। उन्होंने कहा, ‘‘ यहां तक कि कुछ सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (यहां आने पर) ने इस बारे में बात की थी।’’
राकांपा नेता ने कहा कि वे अब भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा हैं, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम वे लोग हैं जो साहू (छत्रपति साहूजी महाराज), (सावित्री ज्योतिबा फुले) और आम्बेडकर से प्रेरित हैं। अब से, हमारे कार्यकर्ताओं को किसी भी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि हम सरकार का हिस्सा हैं और सरकार उनका ख्याल रखेगी।’’
धीरज संतोष
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