श्रीनगर, एक जुलाई कश्मीर घाटी के विभिन्न भागों में पिछले वर्ष अगस्त से नजरबंद नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के 19 नेताओं ने उनकी ‘‘अवैध और गैरकानूनी’’ नजरबंदी तुरन्त समाप्त करने की मांग की है।
पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर और कश्मीर के प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी ने जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव (गृह) को पत्र भेज कर उनसे उनकी आवाजाही पर लगी पाबंदियां को हटाये जाने का आग्रह किया।
नेकां नेताओं ने अपने पत्रों में कहा है कि पिछले वर्ष पांच अगस्त से उनके आवासों पर उन्हें ‘‘अवैध रूप से नजरबंद रखा’’ जा रहा है।
गत अगस्त में केन्द्र ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस ले लिया और उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया।
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उन्होंने कहा कि उन्हें नजरबंद रखने का कोई आदेश आज तक उन्हें नहीं दिया गया है।
नेताओं ने कहा कि या तो उन्हें अपनी नजरबंदी का आदेश दिया जाए या फिर वे अपनी रिहाई के लिए अदालत का रुख करेंगे।
नेताओं ने उनकी आवाजाही पर लगी सभी पाबंदियों को तुरन्त हटाये जाने की मांग करते हुए इस ‘‘अवैध नजरबंदी’’ को समाप्त कराने के लिए कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी।
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