मुंबई, 21 मार्च राष्ट्रगान का कथित रूप से अपमान करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करने वाली अर्जी को पुनर्विचार के लिए फिर से मजिस्ट्रेट अदालत के पास भेजने के विशेष एमपी/एमएलए अदालत के फैसले को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने स्थानीय विवेकानंद गुप्ता की शिकायत पर भाजपा पदाधिकारी मार्च 2022 में बनर्जी को समन जारी किए थे।
गुप्ता ने अपनी शिकायत में दावा किया कि दिसंबर, 2021 में यशवंतराव चव्हाण ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजने पर भी बनर्जी बैठी रहीं, फिर बीच में अचानक खड़ी हुईं और दो पंक्तियां गाने के बाद अचानक चुप हो गईं और वहां से चली गईं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ जारी समन को विशेष एमपी/एमएलए अदालत में चुनौती दी थी।
जनवरी, 2023 में विशेष न्यायाधीश आर. एन. रोकाडे ने प्रक्रियागत आधार पर समन को दरकिनार कर दिया और मजिस्ट्रेट से गुप्ता की शिकायत पर नये सिरे से विचार करने को कहा था।
उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में बनर्जी ने कहा है कि विशेष अदालत को समन को हमेशा के लिए रद्द कर देना चाहिए था, ना की मामले को वापस मजिस्ट्रेट के पास भेजना चाहिए था।
उनकी याचिका पर 27 मार्च को एकल पीठ द्वारा सुनवाई की जा सकती है।
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