नयी दिल्ली, 12 अगस्त नगा जनजातीय समूहों के शीर्ष संगठन ‘नगा होहो’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को केंद्र से एनएससीएन-आईएम के साथ चल रही शांति प्रक्रिया का जल्द समापन करने और नगालैंड में दशकों पुराने हिंसक आंदोलन का समाधान निकालने का आग्रह किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नगा होहो की नौ सदस्यीय टीम ने केंद्रीय पूर्वोतर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और उन्हें एनएससीएन-आईएम तथा केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के बीच शांति वार्ता की धीमी प्रगति के बारे में अवगत कराया।
सूत्रों ने बताया कि नगा होहो ने सिंह को बताया कि सभी सिद्धांतों और ढांचे पर सहमति व्यक्त की जानी चाहिए और उन्हें एकतरफा नहीं बदला जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने सिंह को बताया कि भारत सरकार और एनएससीएन-आईएम के बीच 2015 ‘रूपरेखा समझौता’ पर हस्ताक्षर किये गये थे लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा है और न ही राजनीतिक चर्चा में कोई प्रगति हुई है।
एनएससीएन-आईएम के महासचिव थुलिंगलेंग मुइवा और वार्ताकार एवं नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में तीन अगस्त, 2015 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।
एनएससीएन-आईएम ने मंगलवार को शांति वार्ता के लिए वार्ताकार आर एन रवि पर निशाना साधा था और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए नये वार्ताकार को नियुक्त किये जाने की मांग की।
नगा उग्रवादी समूह ने एक बयान में कहा था कि केन्द्र सरकार को शांति वार्ता आगे बढ़ाने के लिए नये वार्ताकार को नियुक्त करना चाहिए।
एनएससीएन-आईएम नेतृत्व इस समय दिल्ली में है और पिछले कुछ दिनों में आधिकारिक स्तर की दो दौर की वार्ता हुई है।
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