कटरा (जम्मू-कश्मीर), एक मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को यहां दो दिवसीय विधायक प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन सत्र में पार्टी विधायकों से अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने और नागरिकों के साथ प्रगाढ़ संबंध बनाए रखने को कहा। पार्टी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद पहले बजट सत्र से पहले, भाजपा ने विधानसभा की कार्यवाही में पार्टी विधायकों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कटरा के एक होटल में विधायक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया।
प्रवक्ता ने बताया कि कार्यशाला के दूसरे दिन नेतृत्व, शासन और लोगों तक पहुंच पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी शामिल हुए और कहा कि ‘‘अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा का पालन करते हुए, लोगों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को (विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान) उठाया जाएगा। और हमारे विधायक भी पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखने में सक्षम हैं।’’
नड्डा के साथ सिंह, राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुघ और जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने त्रिकुटा पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर कटरा में दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए।
विधायकों को संबोधित करते हुए नड्डा ने ‘कार्यकर्ता निर्माण’ के महत्व पर प्रकाश डाला और विधायकों से ‘‘राजनीतिक पदों के आकर्षण’’ से ऊपर उठने का आग्रह किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “पद अस्थायी होते हैं, लेकिन लोगों का विश्वास स्थायी होता है।”
उन्होंने विधायकों को कृषि विज्ञान केन्द्रों, ‘आशा’ कार्यकर्ताओं की बैठकों और सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक संवाद जैसे मंचों के माध्यम से समुदायों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने की सलाह दी।
प्रवक्ता ने बताया कि नड्डा ने इस बात पर भी जोर दिया कि विधायकों को जनता की शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुलझाने के लिए ‘‘अच्छे श्रोता’’ बनने की जरूरत है और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के वास्ते अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के बीच नियमित रूप से जाना चाहिए।
कार्यशाला से इतर संवाददाताओं से बातचीत में सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा (जम्मू-कश्मीर विधानसभा में) मुख्य विपक्षी दल की व्यापक भूमिका निभाएगी। यह पहली बार है कि हम इतने बड़े जनादेश (29 विधानसभा सीट जीतकर) के साथ आए हैं और हमारा मत प्रतिशत सत्तारूढ़ पार्टी (नेकां) से भी बेहतर है।’’
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