जरुरी जानकारी | म्यांमा वित्तीय कार्रवाई बल की काली सूची में बरकरार, यूएई, तुर्किये निगरानी सूची में

नयी दिल्ली, 24 फरवरी ईरान और उत्तर कोरिया के साथ म्यांमा एफएटीएफ की 'काली सूची' में बना हुआ है। आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर वैश्विक निगरानी संस्था ने शुक्रवार को तीनों देशों को 'उच्च जोखिम वाला अधिकार क्षेत्र' करार दिया।

सिंगापुर के टी राजा कुमार की अध्यक्षता में पेरिस में एफएटीएफ की दूसरी पूर्ण बैठक के बाद जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने यह भी कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), तुर्किये, जॉर्डन, दक्षिण अफ्रीका और 20 अन्य देश इसकी 'निगरानी सूची' में हैं और उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

पाकिस्तान को पिछले साल अक्टूबर में 'निगरानी सूची' से हटा दिया गया था।

एफएटीएफ के अनुसार जिन देशों को उसकी ''कार्रवाई के तहत उच्च जोखिम वाला क्षेत्राधिकार'' कहा जाता है, उन्हें 'काली सूची' वाले देशों के रूप में जाना जाता है। जो देश 'बढ़ी हुई निगरानी' के तहत हैं, उन्हें 'निगरानी सूची' वाला देश कहते हैं।

ऐसे देश जो 'काली सूची' या 'निगरानी सूची' में आते हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और यूरोपीय संघ (ईयू) से कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाती है।

इन देशों को कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ता है।

म्यांमा के बारे में एफएटीएफ ने कहा कि देश को प्रमुख क्षेत्रों में धन शोधन के जोखिमों को दूर करने के लिए अपनी कार्ययोजना को लागू करने पर काम करना जारी रखना चाहिए।

एफएटीएफ ने यूएई के लिए कहा कि पिछले साल फरवरी से उसने महत्वपूर्ण प्रगति की है, जब उसने एफएटीएफ के साथ काम करने के लिए एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक प्रतिबद्धता जताई थी।

तुर्किये पर निगरानी संस्था ने कहा कि उसने भी सुधार की दिशा में कई कदम उठाए हैं और उसे अपनी रणनीतिक कमियों को दूर करने के लिए अपनी कार्य योजना को लागू करने पर काम जारी रखना चाहिए।

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