देश की खबरें | मुथलापोजी बंदरगाह विवाद: केरल के मंत्री ने विपक्ष पर षचयंत्र रचने का आरोप लगाया

तिरुवनंतपुरम, 21 अप्रैल केरल के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सोमवार को विपक्ष पर मुथलापोज़ी मछुआरा गांव में जानबूझकर तनाव फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसके जरिए मछुआरों को गुमराह किया जा रहा है।

हाल के दिनों में मुथलापोजी बंदरगाह में रेत के जमाव से 'एस्टुअरी' के अवरुद्ध होने को लेकर मछुआरे और श्रमिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं।

मंत्री ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय की हालिया बैठक में सरकार रेत हटाने का फैसला कर चुकी है।

उन्होंने बताया कि कन्नूर से एक बड़ी ड्रेजर मशीन समुद्र मार्ग से बृहस्पतिवार तक मुथलापोज़ी पहुंच जाएगी। वर्तमान में उपलब्ध ड्रेजर और मशीनों से रेत हटाने का काम पहले से जारी है।

शिवनकुट्टी ने चेताया कि यदि सैंडबार (रेत की पट्टी) को नहीं हटाया गया, तो समुद्र स्तर से नीचे स्थित चार-पांच पंचायतों में बाढ़ की आशंका बन सकती है।

उन्होंने कहा, "इसलिए सैंडबार को हटाना जरूरी है... इसके खिलाफ कार्य करना जनविरोधी कदम है।"

उन्होंने यह भी बताया कि मुथलापोजी बंदरगाह के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 177 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है और इससे जुड़ी निविदा प्रक्रिया जारी है। इस परियोजना की शुरुआत के लिए, वहां जमी रेत को हटाना अनिवार्य है।

इससे पहले बृहस्पतिवार को स्थानीय मछुआरों ने सैंडबार को हटाने के राज्य सरकार के प्रयास का विरोध किया था। प्रदर्शनकारी मछुआरों का कहना है कि अप्रभावी ड्रेजिंग और रेत के जमाव के कारण मछली पकड़ना बेहद कठिन हो गया है, जिससे रोज़गार पर असर पड़ा है।

मुथलापोज़ी, पेरुमाथुरा में स्थित है जहां से वामनापुरम नदी और कडिनमकुलम झील अरब सागर में मिलती हैं। यह क्षेत्र हाल के वर्षों में मछली पकड़ने वाली नौकाओं के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों को लेकर भी चर्चा में रहा है।

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