नयी दिल्ली, 24 अप्रैल देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार से आरंभ हो रहे रमजान के पवित्र महीने में लॉकडाउन के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय के लोगों से घर पर इबादत और इफ्तार करने की अपील की है।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि देश के कई हिस्सों में चांद नजर आया है और ऐसे में शनिवार को पहला रोजा होगा।
उन्होंने कहा कि लोग इस बार अपने घर पर इबादत करें।
इस्लामी कैलेंडर के रमजान महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। वे भोर के समय से लेकर सूर्यास्त के बीच कुछ भी खाते-पीते नहीं हैं। रमजान के बाद ईद का त्यौहार मनाया जाता है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लोग घरों पर इबादत करें, घर से बाहर नही निकलें, कोई आयोजन नहीं करें और सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।’’
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने लोगों की रमजान की मुबारकबाद देते हुए लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की है।
वह पिछले कुछ दिनों के भीतर लोगों से लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का पालन करने की कई बार अपील कर चुके हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘कोई भी मुसलमान रमजान में मस्जिदों से दूर नहीं रहना चाहता। लेकिन कोरोना के कहर के कारण पूरी दुनिया और हिंदुस्तान के उलेमा एवं संगठनों ने तय किया है कि इस पाक महीने में मस्जिदों, अन्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज और इफ्तार का आयोजन नहीं करेंगे। यह अच्छी बात है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)












QuickLY