मुम्बई, तीन जून चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ बुधवार दोपहर महाराष्ट्र तट पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ पहुंचा। ऐसे में मुंबई और इसके पड़ोसी इलाके इसका सामना करने के लिये तैयार हैं।
साथ ही, इससे पहले एहतियाती उपाय के तहत इसके मार्ग से हजारों लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, ट्रेनों के कार्यक्रम में बदलाव किया गया, उड़ानें रद्द की गई, मछुआरों को समुद्र से बाहर आने का आदेश दिया गया और बचाव कर्मियों को तैयार रखा गया।
अधिकारियों ने कहा कि यह तूफान अरब सागर से आया और यह दोपहर करीब साढ़े बारह बजे तटीय शहर अलीबाग पहुंचा तथा शाम चार बजे तक वहां इसका प्रभाव रहेगा।
अमेरिका स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय विज्ञान के एक प्राध्यापक एडम सोएबेल ने ट्वीट किया कि मुंबई कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये पहले से संघर्ष कर रहा है और ऐसे में 72 वर्षों में पहली बार एक चक्रवात इस महानगर में आएगा।
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इससे पहले उन्होंने कहा था कि आखिरी बार एक प्रचंड चक्रवात 1891 में मुंबई में आया था लेकिन बुधवार को उन्होंने इसमें सुधार करते हुए कहा कि इस महानगर में 1948 में चक्रवात आया था।
भारतीय मौसम विभाग मुंबई के मौसम विज्ञान उप महानिदेशक के. एस. होसालिकर ने कहा, ‘‘चक्रवात के अलीबाग के दक्षिण के नजदीक से प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरने की संभावना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उस वक्त, इसकी रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार रहने की संभावना है।’’
अलीबाग मुंबई से करीब 110 किमी दूर स्थित एक छोटा शहर है, जहां कई किले और मंदिर हैं। वहां बॉलीवुड के कई कलाकार भी रहते हैं।
चक्रवात अम्फान के पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने के हफ्ते भर बाद निसर्ग तूफान आया है, जो महाराष्ट्र के अलावा गुजरात तट को भी प्रभावित कर सकता है।
होसालिकर ने कहा कि मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर में 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तक भी बढ़ सकती है। तटीय जिलों में तेज हवा के साथ-साथ भारी बारिश भी होगी।
विभाग ने कहा कि तूफान से कच्चे मकान, पेड़, बिजली के खंभे गिर सकते हैं।
मुंबई के उपनगर विले पारले में 1948 से रह रही पुणे की सुचेता नंदकर्णी (81) ने कहा, ‘‘मुझे याद है कि उस चक्रवात में हमारे इलाके में बड़े पेड़ उखड़ गये थे और हमारे बगीचे के पौधे नष्ट हो गये थे’’
उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं उस वक्त 10 साल की थी।’’
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