देश की खबरें | मुंबई: निवेशक ने मराठी के मुद्दे पर मनसे को चुनौती दी, धमकियां मिलने के बाद पुलिस से सुरक्षा मांगी

मुंबई, चार जुलाई मुंबई में रहने वाले निवेशक ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे को मराठी के मुद्दे पर चुनौती देने के बाद धमकियां मिलने का दावा करते हुए सुरक्षा के लिए पुलिस से संपर्क किया है।

निवेशक सुशील केडिया ने कहा कि वह मनसे प्रमुख के “घोर दुर्व्यवहार” का विरोध करते हुए मराठी नहीं सीखेंगे।

केडिया ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं मुंबई में 30 साल रहने के बाद भी मराठी ठीक से नहीं जानता और आपके घोर दुर्व्यवहार के कारण मैंने यह संकल्प लिया है कि जब तक आप जैसे लोग मराठी मानुस की देखभाल करने का दिखावा करते रहेंगे तब तक मैं मराठी नहीं सीखूंगा। क्या करना है बोल?”

मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने केडिया को जवाब देते हुए उन्हें व्यवसाय पर ध्यान देने की सलाह दी।

देशपांडे ने कहा, "अगर आप व्यवसायी हैं तो व्यवसाय करें; हमारे पिता की तरह व्यवहार करने की कोशिश न करें। अगर महाराष्ट्र में मराठी का अपमान किया तो आपके मुंह पर तमाचा पड़ेगा। अपनी हद में रहें।”

देशपांडे की पोस्ट के बाद केडिया ने पुलिस से संपर्क किया और दावा किया कि उन्हें अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के लिए धमकियां मिल रही हैं।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "केडिया ने अपनी पोस्ट में मुंबई पुलिस को टैग किया, जिसके बाद हमने उनसे संपर्क किया।"

केडिया ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक और संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "श्री राज ठाकरे, आपके सैकड़ों कार्यकर्ताओं भले ही मुझे धमकाते रहें, तब भी मैं धाराप्रवाह मराठी नहीं बोल पाउंगा। बात समझिए। धमकी नहीं, प्यार लोगों को एक साथ लाता है।”

केडिया ने ‘एक्स’ पर कहा, "मुंबई पुलिस आयुक्त, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कृपया ध्यान दें, राज ठाकरे के कार्यकर्ता मुझे हिंसा की खुली धमकियां दे रहे हैं। मुझे सुरक्षा मुहैया कराएं। ”

हाल ही में मुंबई के पास मीरा रोड पर मनसे के सात कार्यकर्ताओं ने मराठी में बात न करने पर मिठाई की एक दुकान के मालिक पर हमला कर दिया था। उन्होंने इस हमले का वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर दिया था, जिसके बाद केडिया ने यह प्रतिक्रिया दी।

बृहस्पतिवार को मीरा रोड पर सैकड़ों दुकानदार और व्यापारी इस हमले का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए। विरोध प्रदर्शन के दौरान मीरा रोड के बड़े हिस्से में दुकानें भी बंद रहीं।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और नोटिस देकर छोड़ दिया।

राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने हमले के लिए माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया है।

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