देश की खबरें | मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल : 970 टन के बॉक्स गर्डर की ढलाई की शुरुआत

नवसारी, एक नवंबर आमतौर पर ‘बुलेट ट्रेन’ कहे जाने वाले अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फुल स्पैन प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट’ (पीएससी) बॉक्स गर्डर की ढलाई की शुरुआत सोमवार को की गई। इस मौके पर रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश भी मौजूद थीं।

उन्होंने कहा कि सूरत और बिलिमोरा स्टेशनों के बीच बुलेट ट्रेन का पहला परीक्षण जुलाई 2026 तक होने की उम्मीद है।

परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने कहा कि गर्डर की ढलाई सोमवार को यहां नस्लीपुर गांव के पास एक ढलाई केंद्र में शुरू की गई थी, और यह हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए बनाया जा रहा दूसरा पीएससी बॉक्स गर्डर है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इस तरह के पहले पूर्ण स्पैन गर्डर का निर्माण चार दिन पहले आनंद जिले के एक ढलाई केंद्र में किया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया कि 40 मीटर स्पैन के बॉक्स गर्डर का वजन लगभग 970 टन होगा। 40 मीटर के स्पैन गर्डर की ढलाई बिना किसी जोड़ के की जा रही है।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि पीएससी बॉक्स गर्डर देश में निर्माण उद्योग में सबसे भारी होगा और इसमें 390 घनमीटर कंक्रीट और 42 टन स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा।

जरदोश ने यहां संवाददाताओं को बताया, “यह पहला मौका है जब देश में इतने बड़े गर्डर की ढलाई की जा रही है। मुझे खुशी है कि एलएंडटी इसके लिए स्थानीय रूप से निर्मित सामग्री और प्रौद्योगिकी को शामिल कर रही है। हमें उम्मीद है कि जुलाई 2026 तक सूरत और बिलिमोरा स्टेशनों के बीच बुलेट ट्रेन का पहला परीक्षण होगा।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)