नयी दिल्ली, एक जुलाई पूर्व अटार्नी जनरल और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने बुधवार को कहा कि वह अदालतों में वीडियो साझा ऐप्लिकेशन ‘टिकटॉक’ समेत चीनी ऐप का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सुप्रभुता पर खतरे का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने 29 जून को टिकटॉक, शेयरइट, एमआईवीडियो कॉल, क्लबफैक्टरी और कैम स्कैनर जैसे 59 चीनी ऐप पर पाबंदी लगा दी थी।
रोहतगी ने कहा कि वह भारत सरकार के खिलाफ अदालतों में इन ऐप की ओर से पेश नहीं होंगे।
उन्होंने कहा,‘‘वर्तमान तनाव के मद्देनजर किसी चीनी कंपनी की ओर से पेश होना उचित महसूस नहीं होता है।’’
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इन ऐप पर भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी गतिरोध के बीच प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्नीस जून, 2014 से लेकर 18 जून, 2017 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे रोहतगी देश के जाने माने वकीलों में एक हैं। उन्हें राजग सरकार ने अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया था।
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