देश की खबरें | मप्र : ‘‘गोडसे अनुयायी’’ को कांग्रेस में शामिल करने पर कुछ नेताओं का विरोध

भोपाल /ग्वालियर, 26 फरवरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कुछ साल पहले हिन्दू महासभा के कार्यालय में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की अर्धप्रतिमा की स्थापना में कथित तौर पर शामिल रहे ग्वालियर नगर निगम के पार्षद बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस में शामिल कर लिया गया है।

लगभग छह साल पहले कांग्रेस छोड़ चुके चौरसिया बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ की मौजूदगी में दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए हैं। चौरसिया की कांग्रेस में वापसी प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले हुई है।

हालांकि, चौरसिया की पार्टी में वापसी ने कांग्रेस के भीतर हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ‘‘गोड़से अनुयायी’’ को पार्टी में लेने पर सवाल उठाया है जबकि कुछ अन्य नेताओं ने यह कहते हुए इस निर्णय को सही ठहराया कि चौरसिया ने हिंसा की विचारधारा छोड़ दी है और बापू के दिखाये सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का फैसला किया है।

वहीं चौरसिया ने कांग्रेस में अपनी वापसी को ‘‘ घर वापसी’’ करार दिया और दावा किया कि हिन्दू महासभा के नेताओं ने उसे गुमराह किया था और इस कारण उन्होंने गोड़से की प्रतिमा की स्थापना और पूजा की थी।

हिन्दू महासभा ने वर्ष 2017 में ग्वालियर में अपने कार्यालय में गोड़से की अर्ध प्रतिमा की स्थापना की थी। हालांकि, इसकी आलोचना होने पर जिला प्रशासन द्वारा बाद में इसे हटा दिया गया था। गोड़से की प्रतिमा की स्थापना करने वाली हिन्दू महासभा समिति में उस समय चौरसिया सदस्य के तौर पर शामिल थे।

चौरसिया को कांग्रेस में शामिल करने का विरोध करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ बापू हम शार्मिदा हैं।’’

यादव ने पीटीआई से कहा, ‘‘पार्टी कहां जा रही है? पार्टी को मजबूत करने के नाम पर गोड़से के अनुयायी को शामिल करने की जरुरत क्यों है? हम इस फैसले पर शर्मिदा हैं।’’

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