देश की खबरें | मप्र : आर्थिक गलियारे के लिए खेती की जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन

इंदौर, 30 अगस्त मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए खेती की उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण के नोटिस मिलने पर नाराज किसानों ने मंगलवार को बड़ी तादाद में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जुटकर विरोध प्रदर्शन किया।

अधिकारियों के मुताबिक यह गलियारा मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर को राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से जोड़ेगा और परियोजना से कम से कम 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हो सकता है।

प्रदर्शनकारी किसानों के संगठन ‘‘भूमि बचाओ सेना’’ के नेता मुकेश पटवारी ने संवाददाताओं को बताया,‘‘इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए हमें खेती की उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण के नोटिस दे दिए गए हैं, जबकि इस कदम से पहले हमसे कोई चर्चा नहीं की गई।’’

उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को मिलने वाले सरकारी मुआवजे की दर उनकी जमीनों के मौजूदा बाजार मूल्य के मुकाबले बेहद कम है और वे 3,200 एकड़ पर प्रस्तावित इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अपनी जमीन कतई नहीं देंगे।

विरोध प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी मनीष सिंह किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारा परियोजना को निरस्त करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी किसान की सहमति के बिना उसकी जमीन नहीं ली जाएगी। सिंह ने कहा कि अगले कुछ दिनों में वह मौके पर पहुंचकर परियोजना के संबंध में किसानों से चर्चा करेंगे।

अधिकारियों ने बताया परियोजना के तहत इंदौर से पीथमपुर के बीच 19.60 किलोमीटर लम्बी सड़क बनाई जानी है जिसके दोनों तरफ 300-300 मीटर की निजी जमीनों और खेतों का अधिग्रहण करके इस जगह को अहम निवेश क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है।

अधिकारियों का अनुमान है कि इस परियोजना से कम से कम 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा जिससे कुल एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार हासिल होगा।

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