इंदौर (मध्यप्रदेश), 19 जून सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के इंदौर स्थित केंद्रीय आयुध और युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्यूटी) के परिसर में हवलदार की नकली वर्दी पहनकर घुसने की कोशिश कर रहे 21 वर्षीय युवक पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान बंटी रैगर (21) के रूप में हुई है और वह राजस्थान का रहने वाला है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदित्य मिश्रा ने कहा,‘‘बीएसएफ में भर्ती के लिए होने वाली मेडिकल जांच में आरोपी नाकाम हो गया था। लेकिन शर्मिंदगी से बचने के लिए उसने अपने परिजनों से झूठ बोला कि वह भर्ती परीक्षा में सफल होकर बीएसएफ में हवलदार बन गया है।’’
मिश्रा ने बताया कि परिजनों को अपने चयन का यकीन दिलाने के लिए आरोपी ने बीएसएफ हवलदार की वर्दी से मिलते-जुलते कपड़े खरीदे और इन्हें पहनकर 17 जून को सीएसडब्ल्यूटी परिसर में दाखिल होने की कोशिश की।
डीसीपी ने बताया,‘‘जब बीएसएफ कर्मियों ने सीएसडब्ल्यूटी परिसर के प्रवेश द्वार पर आरोपी को सेल्फी लेते देखा, तो उन्हें शक हुआ और पूछताछ पर उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।’’
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 171 (कपट के इरादे से किसी लोक सेवक की वर्दी पहनना) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के तहत उसे नोटिस दिया गया है कि वह पुलिस की जांच में सहयोग करेगा।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने खुद को बीएसएफ का हवलदार (रेडियो मैकेनिक) बताया और यह झांसा देते हुए सीएसडब्ल्यूटी परिसर में घुसने की कोशिश की कि उसकी जान-पहचान के कुछ युवक इस परिसर में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ कर्मियों ने जब देखा कि आरोपी के पहने कपड़ों पर हवलदार की सरकारी वर्दी वाली पट्टी नहीं लगी है, तो उन्हें माजरा समझने में देर नहीं लगी।
हर्ष
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