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जरुरी जानकारी | छुट्टियों के बाद मंडियों में आवक बढ़ने से अधिकांश तेल-तिलहन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. होली की लंबी छुट्टियों के बाद मंडियों में दो-तीन से रुकी आवक के बढ़ने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के थोक दाम में गिरावट दर्ज हुई। जबकि विदेशी तेलों में आई गिरावट का असर सूरजमुखी और पामोलीन से कम दाम वाले बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों पर नहीं दिखा और इनके दाम अपरिवर्तित रहे।

जरुरी जानकारी | छुट्टियों के बाद मंडियों में आवक बढ़ने से अधिकांश तेल-तिलहन में गिरावट

नयी दिल्ली, 17 मार्च होली की लंबी छुट्टियों के बाद मंडियों में दो-तीन से रुकी आवक के बढ़ने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के थोक दाम में गिरावट दर्ज हुई। जबकि विदेशी तेलों में आई गिरावट का असर सूरजमुखी और पामोलीन से कम दाम वाले बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों पर नहीं दिखा और इनके दाम अपरिवर्तित रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों के दाम सुबह घटे हुए थे लेकिन शाम को बाजार फिर से ठीक हो गया। इस बीच अधिकांश माल स्टॉकिस्टों ने खरीद डाला। होली त्योहार की वजह से पिछले दो-तीन दिन की छुट्टी के बाद बाजार में आज आवक बढ़ गयी जिसकी वजह से दाम टूटे लेकिन यह गिरावट उम्मीद से काफी कम ही रही। इन परिस्थितियों के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट आई।

सूत्रों ने कहा कि सरसों दाम टूटने के असर से सोयाबीन भी अछूता नहीं रहा और सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट देखने को मिली। अगर सोयाबीन का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 20 प्रतिशत नीचे रहा तो इसकी जल्द ही शुरू होने वाली बिजाई प्रभावित होने का खतरा हो सकता है। सरकार को इस ओर ध्यान देते हुए कोई उपाय करना चाहिये।

मलेशिया एक्सचेंज की गिरावट और उसका निर्यात घटने के बीच सीपीओ एवं पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट रही। पर इस तेल के दाम इतने अधिक हैं कि इस गिरावट के बावजूद मौजूदा भाव पर लिवाल का मिलना मुश्किल ही है।

सूत्रों ने कहा कि आवक घटने और मांग बढ़ने की वजह से विदेशी तेलों में आई गिरावट से मूंगफली और बिनौला के दाम बेअसर रहे। सूरजमुखी से इन देशी तेलों के दाम लगभग 10 रुपये किलो और पामोलीन से 5-7 रुपये किलो नीचे है। इसी वजह से आज बिनौला सीड और कपास नरमा के भाव में 50-100 रुपये क्विंटल तक की वृद्धि हुई है। दाम अच्छे मिलेंगे तो किसानों की पैदावार भी अपने आप बढ़ेगी।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,090-6,190 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,700-6,025 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,450 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,240-2,540 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,335-2,435 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,335-2,460 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,125-4,175 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,825-3,875 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2025 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).