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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में गिरावट से अधिकांश तेल-तिलहन के भाव टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सस्ते आयातित खाद्य तेलों के कारण चरमराते देशी तेल-तिलहन उद्योग तथा विदेशों में कमजोरी के रुख और मांग में गिरावट के कारण घरेलू बाजारों में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं महंगे दाम पर कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा मांग कमजोर रहने से बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। बाजार सूत्रों ने यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में गिरावट से अधिकांश तेल-तिलहन के भाव टूटे

नयी दिल्ली, आठ जुलाई सस्ते आयातित खाद्य तेलों के कारण चरमराते देशी तेल-तिलहन उद्योग तथा विदेशों में कमजोरी के रुख और मांग में गिरावट के कारण घरेलू बाजारों में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं महंगे दाम पर कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा मांग कमजोर रहने से बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। बाजार सूत्रों ने यह जानकारी दी।

बाजार सूत्रों ने कहा कि आयातित तेलों के सस्ते थोक दाम देश के तेल- तिलहन उद्योग, देश के तिलहन किसानों, खाद्य तेल आयातकों को ‘दीमक’ की तरह खोखला करने में लगे हैं। इनसे ऐसे हालात बन सकते हैं जहां से इसका संभलना मुश्किल होगा। सोपा जैसे कुछ तेल संगठनों के अलावा देश के अधिकांश खाद्य तेल संगठन कभी सस्ते आयातित खाद्य तेलों पर लगाम कसने की बात नहीं उठाते। उन्हें केवल इतना तर्क देते पाया जाता है कि खाद्य तेलों की मंहगाई को रोकने के लिए देश में आयात किया गया है। लेकिन ऐसे लोगों को भी देखना और सोचना चाहिये कि अगर उनकी बात में कोई तर्क है तो खुदरा बाजार में दाम कम क्यों नहीं हो रहे हैं। इस खुदरा महंगाई को रोकने के उनके पास सुझाने को क्या रास्ते हैं। इसका विवरण तो उन्हें सरकार से और देश से साझा करना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि मौजूदा स्थिति बनी रही तो देश का तेल-तिलहन उद्योग ही छिन्न-भिन्न हो जायेगा और हालात ऐसे बेकाबू हो सकते हैं जिसे संभालना लगभग असंभव हो जायेगा। तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर देश की विदेशी मुद्रा की बचत करना एक सपना बन कर रह सकता है। तेल-तिलहन कारोबार प्रभावित होने से बेरोजगारी में और इजाफा होने का खतरा है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,010-6,070 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,350-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,280-2,580 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,895-1,995 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,895-2,020 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,555-4,575 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,365-4,485 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,085 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2024 09:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).