रांची, चार मार्च झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने मंगलवार को कहा कि राज्य में 7,930 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें केवल एक-एक शिक्षक ही कार्यरत है।
शिक्षकों के संकट पर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राज सिन्हा के प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में 3.81 लाख छात्र दाखिल हैं।
बाद में सदन में सोरेन ने कहा कि 103 स्कूल ऐसे हैं जिनमें कोई छात्र नहीं है और उनमें 17 शिक्षक कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा, "हमने 'स्कूल चलो अभियान' जैसी मुहिम शुरू की है, जो खासतौर पर उन इलाकों में चलाई जा रही है जहां स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं, ताकि छात्रों को फिर से स्कूल लाया जा सके।"
सिन्हा ने स्कूलों में प्रधानाध्यापकों और शिक्षण स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया।
सिन्हा ने कहा, "करीब 3,636 स्कूल बिना प्रधानाध्यापकों के चल रहे हैं। स्कूलों में स्वीकृत 53,352 पदों में से 17,850 पद खाली हैं।"
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 26,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है।
दूसरे भाग में भोजनावकाश के बाद विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर सामान्य बहस शुरू हुई।
बहस में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने बजट अनुमानों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों की रूपरेखा तैयार करने में सरकार की विफलता की आलोचना की।
मरांडी ने कहा, "अगर हम कर संग्रह पर नजर डालें तो सरकार दिसंबर तक चालू वित्त वर्ष के लिए अपने लक्षित राजस्व का केवल 58.82 प्रतिशत ही एकत्र कर पाई है।"
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