नयी दिल्ली, तीन फरवरी बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव से इस क्षेत्र में अधिक विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने यह बात कही है।
विशेषज्ञों ने कहा कि 100 प्रतिशत एफडीआई से पर्याप्त विदेशी पूंजी आकर्षित होगी, जिससे देश में बेहतर प्रौद्योगिकी आएगी।
अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स के सह-संस्थापक और निदेशक आतुर ठक्कर ने कहा, "अंतररार्ष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के देश में आने से उपभोक्ता बेहतर उत्पादों और सेवाओं की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।"
ठक्कर ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों (गिग वर्कर्स) के लिए खास तौर पर स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लागू होने से इन कर्मचारियों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा और इससे पूरे समाज का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
डेलॉयट इंडिया के भागीदार देबाशीष बनर्जी ने कहा कि एफडीआई सीमा को 100 प्रतिशत करने से बहुत सारी विदेशी कंपनियों को भारत में बने रहने और प्रतिस्पर्धा लाने में मदद मिलेगी, जिससे बड़े पैमाने पर पॉलिसीधारकों को फायदा होगा।
शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के भागीदार रुद्र कुमार पांडेय ने कहा कि इस कदम से अधिक विदेशी निवेश आएगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और क्षेत्र को अधिक पूंजी, संसाधन और विशेषज्ञता मिलेगी। इससे नवोन्मेषी उत्पाद आएंगे और बीमा की पहुंच बढ़ेगी।
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