नयी दिल्ली, 16 जुलाई विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को दक्षिण-पूर्व एशिया में कोविड काल से पहले की नियमित टीकाकरण दर को वापस पाने के लिए अधिक प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही कहा कि देशों द्वारा कड़े प्रयास किए जाने के बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं।
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, ‘‘दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में जनवरी 2021 से टीके की पहली खुराक देने के बाद से इस क्षेत्र में अब तक कोविड-19 टीकों की 3 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं जोकि प्रशंसनीय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम कोविड-19 टीकाकरण कवरेज को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। साथ ही हमें यह सुनिश्चित करने के लिए भी हर संभव प्रयास करना चाहिए कि कोई भी बच्चा नियमित टीकाकरण सेवाओं के तहत दिए जाने वाले जीवन रक्षक टीकों से वंचित न रहे।’’
सिंह ने एक बयान में कहा कि कई देशों ने यह साबित किया है कि कोविड टीकाकरण के साथ नियमित टीकाकरण दर को बरकरार रखा जा सकता है या बढ़ाया जा सकता है।
बयान के मुताबिक, बांग्लादेश, मालदीव, श्रीलंका और थाईलैंड ने कोविड महामारी के दौरान भी डीटीपी-3 की 95 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण दर बरकरार रखी। वहीं, भूटान में 2020 के दौरान थोड़ी गिरावट देखी गई जबकि 2021 में इस देश ने 98 प्रतिशत डीटीपी-3 टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त किया।
वैश्विक स्तर पर, एक साल के बच्चों में डीटीपी3 (डिप्थीरिया, टेटनस और काली खांसी के लिए टीकों की तीसरी खुराक) टीकाकरण कवरेज एक संकेतक है।
बयान में कहा गया है कि भारत में 2020 में नियमित टीकाकरण कवरेज में गिरावट देखी गई। इसके मुताबिक, भारत में वर्ष 2021 में कोविड-19 टीके और बच्चों को लगाए जाने वाले अन्य टीकों को मिलाकर कुल दो करोड़ खुराक दी गईं जोकि 2020 की तुलना में देश में लगाए गए टीकों से पांच गुना अधिक है।
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