नयी दिल्ली, एक अगस्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले की जांच के तहत हीरो मोटोकॉर्प के कार्यकारी अध्यक्ष पवन मुंजाल एवं अन्य के परिसरों पर मंगलवार को छापे मारे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई 69 वर्षीय अरबपति कारोबारी और भारत में सबसे बड़े दुपहिया ऑटोमोबाइल वाहन निर्माण कंपनी के प्रवर्तक के दिल्ली और गुरुग्राम के आवासीय एवं कारोबारी परिसरों में और उससे जुड़े कुछ अन्य ठिकानों पर की गई।
उन्होंने बताया कि छापेमारी की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बाद की गई।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी हमारे दिल्ली और गुरुग्राम स्थित कार्यालयों और हमारे कार्यकारी अधिकारी डॉ.पवन मुंजाल के आवास पर आए थे। हम एजेंसी के साथ लगातार सहयोग कर रहे हैं।’’
ईडी की यह जांच मुंजाल के खिलाफ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की जांच इकाई राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर कर रही है।
माना जा रहा है कि ईडी ने मुंजाल और ‘तीसरी पार्टी सेवाप्रदाता’ कंपनी के कार्यकारी के खिलाफ सीमा शुल्क विभाग द्वारा दर्ज मामले को भी संज्ञान में लिया। हीरो मोटोकॉर्प ने अगस्त 2018 में मुंजाल की लंदन की व्यवसायिक यात्रा की व्यवस्था करने के इस कंपनी की सेवा ली थी ।
बताया जाता है कि सीमा शुल्क अधिकारियों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सूचना के आधार पर कंपनी के इस कार्यकारी को पकड़ लिया था।
सूत्रों ने बताया कि सीआईएसएफ ने 20 अगस्त 2018 को मुंजाल के साथ जा रहे कार्यकारी को दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 81 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा के साथ उस वक्त पकड़ा था, जब वह ब्रिटिश एयरवेज की विमान में सवार होने वाला था। सीमा शुल्क विभाग ने विदेशी मुद्रा को जब्त कर लिया और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
आयकर विभाग ने कर चोरी के मामले में पिछले साल मार्च में मुंजाल और हीरो मोटर कॉर्प के परिसरों पर छापेमारी की थी ।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, आयकर विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा था कि तलाशी के दौरान अधिकारियों ने अवैध रूप से 800 करोड़ रुपये के कारोबारी खर्च का पता लगाया और दस्तावेज से 60 करोड़ रुपये की ‘अघोषित’ नकदी का इस्तेमाल दिल्ली में जमीन खरीदने और फर्जी कंपनियों की भूमिका की जानकारी मिली।
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