नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि देश में ‘‘स्थिर, निडर और निर्णायक सरकार’’ है, जिसने ‘विकास’’ एवं ‘‘विरासत’’ पर जोर देते हुए, कोई भेदभाव किए बिना सभी वर्गों के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने अगले 25 वर्ष में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य भी देश के समक्ष रखा।
राष्ट्रपति ने यह बात आज बजट सत्र के पहले दिन संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अपने पहले अभिभाषण में कही। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसा भारत बनाना है जो आत्मनिर्भर हो और जो अपने मानवीय दायित्वों को पूरा करने में समर्थ हो।’’
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष 2047 में पूरे होंगे और सरकार ने इन 100 साल के अंतिम 25 वर्षों को ‘‘अमृत काल’’ की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा ‘‘अगले 25 साल में हमें ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है जो अतीत के गौरव से भी जुड़ा हो और जिसमें आधुनिकता का हर स्वर्णिम अध्याय हो।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं जो दशकों से गायब थीं। उन्होंने कहा कि आज देश भर में आधुनिक आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जा रहा है जिसकी समाज काफी समय से अपेक्षा कर रहा था। उन्होंने मोदी सरकार के शासनकाल में डिजिटल नेटवर्क के विस्तार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया।
भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार ने सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी निर्णायक सरकार ने देश के हित को सर्वोपरि रखा है और आवश्यकता पड़ने पर नीतियों एवं रणनीतियों में संपूर्ण परिवर्तन की इच्छाशक्ति दिखाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर आतंकवाद पर कठोर प्रहार तक, एलओसी (नियंत्रण रेखा) से लेकर एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) तक हर दुस्साहस के कड़े जवाब तक, अनुच्छेद 370 को हटाने से लेकर तीन तलाक तक, मेरी सरकार की पहचान एक निर्णायक सरकार की रही है।’’
उन्होंने कहा ‘‘वर्तमान सरकार के करीब नौ वर्षों के शासनकाल में भारत के लोगों ने कई सकारात्मक बदलाव पहली बार देखे हैं। अमृत काल की 25 साल की अवधि आजादी का स्वर्णिम काल और विकसित भारत के निर्माण का समय है।’’
राष्ट्रपति अभिभाषण वह महत्वपूर्ण वक्तव्य होता है जिसमें देश एवं शासन, रक्षा, विदेश नीति आदि प्रमुख मुद्दों पर सरकार के रुख की झलक मिलती है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘भारत के पास आज एक ऐसी सरकार है जो स्थिर, निर्भय और निर्णायक है जो बड़े सपनों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। इसके पास एक ऐसी सरकार है जो ईमानदारी का सम्मान करती है, लोगों की समस्याओं का समाधान करती है और उन्हें स्थायी रूप से शक्तिसंपन्न बनाने के लिए काम करती है।’’
राष्ट्रपति ने एक घंटे से अधिक समय तक चले अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने समाज के वंचित वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा किया है।
मुर्मू ने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि हर भारतीय का आत्मविश्वास शीर्ष पर है एवं भारत के प्रति विश्व का नजरिया बदला है। उन्होंने कहा कि भारत पहले अपनी समस्याओं के हल के लिए दूसरों पर निर्भर रहता था और अब वह वैश्विक समस्याओं को हल करने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने परंपरा के साथ आधुनिकता के सम्मिश्रण के सरकार के रुख पर बल देते हुए कहा कि उसने राष्ट्रीय हित को सदैव सर्वोपरि रखा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘ हमारी विरासत हमें जड़ों से जोड़ती है और हमारा विकास हमें आसमान छूने का हौसला देता है। इसलिए मेरी सरकार ने विरासत को मजबूती देने और विकास को प्राथमिकता देने की राह चुनी है।’’
उन्होंने कहा कि आज एक तरफ देश में अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है।
गौरतलब है कि राजधानी में जहां नये संसद भवन का निर्माण अपने अंतिम चरण में है वहीं देश के गृह मंत्री अमित शाह यह घोषणा कर चुके हैं कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जनवरी 2024 तक संपन्न हो जाएगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘ एक तरफ हमने केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल महालोक का निर्माण किया, तो वहीं हर जिले में हमारी सरकार मेडिकल कॉलेज भी बनवा रही है।’’
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार देश में तीर्थों और ऐतिहासिक धरोहरों का विकास कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ भारत दुनिया की बड़ी अंतरिक्ष ताकत बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहला निजी सैटेलाइट भी प्रक्षेपित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ एक तरफ हम आदि शंकराचार्य, भगवान बसवेश्वर, तिरुवल्लुवर, गुरु नानक देव जैसे संतों के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आज भारत हाईटेक नॉलेज का केंद्र भी बनता जा रहा है।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि एक तरफ काशी-तमिल संगम के जरिए ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को मजबूत किया जा रहा हैं तो वहीं ‘‘एक देश, एक राशन कार्ड’’ जैसी आधुनिक व्यवस्था भी बनायी जा रही है । उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और 5जी प्रौद्योगिकी में भारत के सामर्थ्य का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है।
उन्होंने कहा कि आज भारत जहां योग और आयुर्वेद जैसी अपनी पुरातन विधाओं को पूरी दुनिया तक पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह, ‘‘विश्व की फार्मेसी’’ की अपनी नई पहचान को भी सशक्त कर रहा है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान संसद के केंद्रीय कक्ष में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के विभिन्न मंत्री, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल और विभिन्न पार्टियों के नेता एवं सांसद मौजूद थे।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं पार्टी के कुछ अन्य नेता श्रीनगर में खराब मौसम के कारण उड़ानों में विलंब के चलते राष्ट्रपति अभिभाषण शुरू होने के समय केंद्रीय कक्ष में नहीं पहुंच पाये।
माधव
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