जयपुर, छह मई केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफारिशें लागू कर दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसानों को आर्थिक सहयोग मिले, खेती की लागत कम हो, किसानों को उन्नत किस्म का बीज मिले और अच्छा बाजार मिले तथा इसके लिए सरकार ने एक के बाद एक कई कदम उठाए हैं एवं इन्हीं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए देश में 10 हजार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जयपुर में आयोजित समुदाय आधारित व्यापार संगठनों के क्षेत्रीय सम्मेलन (सीबीबीओएस) को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट कृषि ढांचागत कोष के तौर पर रखा है।
केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने और प्रधानमंत्री के दूरदर्शी सपने को पूरा करने के लिए सीबीबीओएस और एफपीओ की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसलिए, उन्होंने सीबीबीओ और एफपीओ को देश के किसानों के लाभ के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित यह सम्मेलन देश में 10 हज़ार किसान उत्पादक संगठनों के गठन की योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के सीबीबीओएस तथा एफपीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चौधरी ने कहा कि 2013 में कृषि का बजट करीब 23 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर आज एक लाख 32 हजार करोड़ रुपये हो चुका है।
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