विदेश की खबरें | मोदी और अल्बनीस ने ऑस्ट्रलिया में भारतीय मूल के नेताओं की उपलब्धियों को सराहा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सिडनी, 23 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को भारतीय मूल के नेताओं डेनियल मुखी, प्रू कार और समीर पांडेय की उपलब्धियों की सराहना की।

कुडोस बैंक एरिना में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी और अल्बनीज के साथ-साथ न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने भी ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की।

अल्बनीज ने प्रवासी भारतीय समुदाय से कहा, ‘‘आप हमारे देश और हमारे साझा समुदायों को बेहतर बनाते हैं। आप ऑस्ट्रेलिया को मजबूत बनाते हैं।’’

भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के बढ़ते संबंधों की चर्चा करते हुए अल्बनीज ने कहा कि वह व्यापार और शिक्षा क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ते देखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम और निकट संबंध देखना चाहते हैं। अधिक से अधिक ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय छात्र एक-दूसरे के देशों में रह रहे हैं और अध्ययन कर रहे हैं और इसके साथ ही वे प्राप्त अनुभवों को अपने-अपने देशों में साझा कर रहे हैं।’’

उन्होंने पेरामेटा के मेयर समीर पांडेय को बधाई देते हुए कहा कि पश्चिमी सिडनी में सेंटर फॉर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया रिलेशंस की स्थापना ‘भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई अनुभव की जीवन शक्ति का प्रमाण’ है।

अल्बनीज ने कहा, ‘‘बधाई हो।’’

पांडेय सोमवार को इस पद के लिए चुने गए थे। वह ऑस्ट्रेलिया के पहले ‘लॉर्ड मेयर’ बने हैं, जो भारत में जन्मे हैं।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पांडेय पहली बार 2017 में शहर की परिषद के लिए चुने गए थे और 2022 में भारतीय उपमहाद्वीप से शहर के पहले ‘डिप्टी लॉर्ड मेयर’ बने।

इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने न्यू साउथ वेल्स कार के प्रीमियर, न्यू साउथ वेल्स के कोषाध्यक्ष मुखी और पांडेय सहित कई भारतीय मूल के सदस्यों की प्रशंसा की। इन सभी ने ऑस्ट्रेलिया में बड़ी प्रगति की है और इस देश में सार्वजनिक जीवन में योगदान दे रहे हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘मैं सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।’’

यहां के प्रमुख अखबार ‘ऑस्ट्रेलियन टुडे’ के अनुसार कार के पूर्वज भारतीय थे।

कार लंदनडेरी के लिए लेबर उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने और जीत दर्ज करने से पहले पेनरिथ सिटी काउंसिल में एक काउंसलर के रूप में कार्य कर चुकी हैं। वह शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा मंत्री हैं के अलावा पश्चिमी सिडनी की मंत्री भी हैं।

मोदी ने यह भी कहा कि जब यह कार्यक्रम पेरामेटा में चल रहा है तब उन्हें सूचित किया गया कि पर्थ शहर के एक सड़क का नाम बदलकर भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्राइवेट नैन सिंह सैलानी के सम्मान में ‘सैलानी एवेन्यू’ कर दिया गया है।

मोदी ने इस कदम के लिए पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रशासन का आभार जताया।

सैलानी की 1917 में पश्चिमी मोर्चे पर हत्या कर दी गई थी। ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ की खबर के अनुसार वह प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑस्ट्रेलियाई इंपीरियल फोर्स में सेवा देने वाले 12 भारतीयों में से एक थे।

सैलानी 1895 में 22 साल की उम्र में भारत से ऑस्ट्रेलिया चले गए थे और शुरू में पर्थ से लगभग 400 किलोमीटर उत्तर में गेराल्डटन शहर में रहते थे। यहां उन्होंने मजदूर के रूप में काम किया था।

इससे पहले, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिन्स ने मुखी की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय देश में सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं। इस देश में 7,50,000 लोग भारतीय मूल के हैं और इसमें न्यू साउथ वेल्स के कोषाध्यक्ष डेनियल मुखी भी शामिल हैं, जिन्होंने पवित्र भगवद गीता के नाम पर पद की शपथ ली थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसा करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई मंत्री हैं लेकिन वह आखिरी नहीं होंगे।’’

मुखी किसी भी ऑस्ट्रेलियाई राज्य में कोषाध्यक्ष बनने वाले भारतीय मूल के पहले राजनेता बन गए हैं।

मार्च में, मुखी ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के कोषाध्यक्ष के रूप में शपथ लेने वाले पहले भारतीय मूल के राजनेता बने। उन्होंने मिन्स और छह अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी।

ब्रजेन्द्र

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