आइजोल, नौ अगस्त अंतरराज्यीय सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए हुई बैठक के बीस महीने बाद मिजोरम और असम ने शुक्रवार को सीमा मुद्दों पर पुन: चर्चा की। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच आज आइजोल में हुई बैठक से पहले मिजोरम और असम के बीच पिछले दौर की बातचीत नवंबर 2022 में गुवाहाटी में हुई थी।
अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार की बैठक के दौरान असम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा ने किया, जबकि मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्री के. सपडांगा ने किया।
अगस्त 2021 के बाद से दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच मंत्रियों के स्तर की यह चौथी वार्ता है। पिछले साल दिसंबर में ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के सत्ता में आने के बाद पहली बैठक है।
मिजोरम के तीन जिले- आइजोल, कोलासिब और मामित- असम के कछार, कर्मगंज और हैलनकांडी जिलों के साथ 164.6 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं।
यह विवाद मुख्य रूप से 1875 और 1933 के दो औपनिवेशिक सीमांकनों से उत्पन्न हुआ है।
मिजोरम का दावा है कि बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (बीईएफआर) 1873 के तहत 1875 में अधिसूचित इनर लाइन आरक्षित वन का 509 वर्ग मील क्षेत्र उसके क्षेत्र में आता है। दूसरी ओर, असम 1933 में भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा तैयार किए गए मानचित्र को अपनी संवैधानिक सीमा मानता है।
इनर लाइन आरक्षित वन के भीतर के विशाल क्षेत्र अब असम के अंतर्गत आते हैं।
इसी तरह, 1933 की सीमांकन रेखा के अनुसार क्षेत्र का एक विशेष हिस्सा अब मिजोरम की तरफ है।
दोनों राज्यों के बीच सीमाओं का कोई जमीनी सीमांकन नहीं है।
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