जरुरी जानकारी | खाद्य तेल-तिलहन के भाव में मिला-जुला रुख

नयी दिल्ली, 16 फरवरी दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार का मिला-जुला रुख देखने को मिला। एक ओर जहां सरसों तेल, मूंगफली तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती रही वहीं अधिक आयात होने के कारण सोयाबीन डीगम के भाव हानि दर्शाते बंद हुए। सरसों तिलहन, सोयाबीन तिलहन, सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर तेल और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.2 प्रतिशत की मजबूती रही जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात 1.25 प्रतिशत टूटा था और फिलहाल यह बराबर चल रहा है।

सूत्रों ने कहा कि पिछले साल अप्रैल-मई में सूरजमुखी तेल का थोक भाव लगभग 200 रुपये लीटर था और सरसों तेल का भाव लगभग 145 रुपये लीटर बैठता था। आज की तारीख में सूरजमुखी तेल का थोक भाव फिलहाल 93 रुपये प्रति लीटर रह गया है जबकि दूसरे आयातित सोयाबीन तेल का भाव 96 रुपये लीटर है। ऐसे में इन तेलों के मुकाबले लगभग 20-22 रुपये लीटर महंगा बैठने वाला 115 रुपये लीटर के भाव वाला सरसों तेल कहां खपेगा? आयातित सूरजमुखी और सोयाबीन तेलों पर आयात शुल्क नहीं बढ़ाया गया तो सरसों का खपना लगभग नामुमकिन हो जायेगा।

सूत्रों ने कहा कि देश के तेल-तिलहन उद्योग की हालत काफी खराब है। मुद्रास्फीति बढ़ने के खतरे को काबू में करने के लिए आयात शुल्क लगाना ही एक रास्ता रह गया है। किसानों को अगर एक बार झटका लगा तो वे दोबारा भरोसा नहीं करेंगे और किसी और फसल का रुख कर सकते हैं जो तेल- तिलहन मामलें में देश की आत्मनिर्भरता के लिए ठीक नहीं होगा।

सूत्रों ने कहा कि कई तेल कारोबार के विशेषज्ञ तिलहन उत्पादन में वृद्धि को लेकर खुशी जाहिर करते हैं पर उन्हें यह भी तो देखना चाहिये कि उत्पादन बढ़ा है तो आयात इतना अधिक क्यों बढ़ रहा है?आयातित तेलों से तो हम खाद्य तेलों की जरूरत को पूरा कर लेंगे, पर पशुचारे और मुर्गीदाने में उपयोग आने वाले खल और डीलआयल्ड केक (डीओसी) हमें कहां से मिलेगा? हमारे देशी तिलहन इन दो महत्वपूर्ण वस्तुओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की क्षमता रखते हैं। इसलिए देशी तेल-तिलहनों का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है।

सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी और सोयाबीन तेल का अत्यधिक मात्रा में आयात हो चुका है और उस तरह से मांग नहीं है। इसी कारण से सोयाबीन डीगम तेल में गिरावट आई है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,850-5,900 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,675-6,5735 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,490-2,755 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,960-1,990 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,920-2,045 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,320 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,750 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,450-5,580 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,190-5,210 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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