नयी दिल्ली, 24 अप्रैल राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने शुक्रवार को सरकार की जनसंपर्क इकाई ‘पत्र सूचना कार्यालय’ (पीआईबी) से कहा कि वह खबरों में तबलीगी जमात प्रकरण से पूरे मुस्लिम समुदाय नहीं जोड़ना और सही तस्वीर पेश करना सुनिश्चित करे।
आयोग के संयुक्त सचिव डेनियल रिचर्ड्स की ओर से पीआईबी के प्रमुख महानिदेशक केएस धतवालिया को लिखे पत्र में यह भी कहा गया कि तबलीगी जमात के लोगों पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस प्रकरण को मुसलमानों से जोड़ना और पूरे मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार ठहराना गलत और अवांछित है।
अल्पसंख्यक आयोग ने कहा, ‘‘मुस्लिम समुदाय के लोग शेष नागरिकों की तरह लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं।’’
उसने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने भी इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 एक राष्ट्रव्यापी आपदा है और यह जाति या धर्म से इतर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती है।’’
आयोग ने पीआईबी से कहा, ‘‘हमारा मानना है कि मीडिया में यह सही से पेश करने की तत्काल जरूरत है कि तबलीगी जमात के लोगों ने जो किया उससे मुस्लिम समुदाय को नहीं जोड़ा जाना चाहिए और जिम्मेदार भी नहीं ठहराया जाना चाहिए।’’
उसने आग्रह किया कि यह संदेश मीडिया में भेजने के लिए कदम उठाए जाएं।
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