देश की खबरें | जी20 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ गोवा रोडमैप साझा करेगा पर्यटन मंत्रालय

नयी दिल्ली, 27 जून पर्यटन मंत्रालय ने गोवा में संपन्न जी20 बैठक की दो महत्वपूर्ण बैठकों के निष्कर्ष दस्तावेज और गोवा रोडमैप अन्य मंत्रालयों के साथ भी साझा करने का फैसला लिया है ताकि सभी क्षेत्रों में वहनीय और लचीलेपन के दृष्टिकोण को लागू करने के लक्ष्य से साझा प्रयास किया जा सके। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

गोवा की राजधानी पणजी में 19 से 22 जून के बीच जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक और जी20 पर्यटन मंत्रीस्तरीय बैठक हुई थी।

केन्द्रीय पर्यटन सचिव वी. विद्यावती ने हाल ही में संपन्न दोनों कार्यक्रमों के संबंध में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘हमारे लिए (पर्यटन मंत्रालय) यह ऐसे अवसर की शुरुआत है, जिसमें हम इस गति को बनाए रखना सुनिश्चित कर सकें।’’

गौरतलब है कि जी20 समूह की 200 से ज्यादा बैठकें भारत में 50 से ज्यादा जगहों पर होनी हैं।

‘गोवा रोडमैप और कार्य योजना’, ‘निष्कर्ष दस्तावेज’ और ‘चेयर समरी’ (बैठक का सारांश) पणजी में हुई जी20 की मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद जारी किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि जी20 के पर्यटन रोडमैप में पांच प्रमुख प्राथमिकताएं हैं... हरित पर्यटन, डिजिटाइजेशन, डेस्टिनेशन प्रबंधन, कौशल और पर्यटन एमएसएमई।

विद्यावती ने कहा कि प्राथमिकता वाले ये सभी क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं और इन पर काम करना सभी मंत्रालयों के साझा प्रयास पर निर्भर होगा।

एक सवाल के जवाब में विद्यावती ने कहा, ‘‘सभी अपनी भूमिका निभाते हैं। हम दस्तावेजों को अन्य मंत्रालयों के साथ भी साझा करना चाहते हें ताकि हम सभी प्रमुख भूमिका निभा सकें.... यह साझा दस्तावेज है।’’

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