नयी दिल्ली, पांच जून रक्षा मंत्रालय ने आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) का निगमीकरण करने के संबंध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ उनकी चिंताओं के समाधान के लिए शुक्रवार को वार्ता की शुरुआत की । एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गयी।
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने 16 मई को घोषणा की थी कि वह ओएफबी का निगमीकरण कर आयुध आपूर्ति में स्वायत्तता, जवाबदेही और दक्षता बेहतर करेगी।
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रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) की उच्चाधिकार समिति (एचएलओसी) ने आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमीकरण के संबंध में कर्मचारी संघों, यूनियनों की चिंताओं के समाधान के लिए शुक्रवार को वार्ता की शुरुआत की।’’
डीडीपी अतिरिक्त सचिव वी एल के राव के नेतृत्व वाली कमेटी ने रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर तीन एसोसिएशनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की ।
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इन तीन संगठनों में कन्फेडरेशन ऑफ डिफेंस रिकोग्नाइज्ड एसोसिएशन (सीडीआरए), इंडियन आर्डिनांस फैक्टरीज गजटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन (आईओएफजीओए) और नेशनल डिफेंस ग्रुप-बी गजटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन (एनडीजीबीजीओए) के प्रतिनिधि शामिल थे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई ।
ऐसी और बैठकें करने के यूनियन के आग्रह पर कमेटी ने विचार किया और आश्वासन दिया कि यूनियनों के साथ बातचीत जारी रहेगी।
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