मंत्री के फर्जी ट्वीट में असम में कोविड-19 के बढ़े मामले दिखाए गए
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गुवाहाटी, 11 मई असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हेमंत विश्व सरमा ने सोमवार को पुलिस से कहा कि उस व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए जिसने उनके नाम से फर्जी ट्वीट किया जिसमें राज्य में कोविड-19 के बढ़े हुए मामले बताए गए।

ट्वीट से प्रतीत होता है कि सरमा ने इसे पोस्ट किया है लेकिन मंत्री ने कहा कि उनका ट्विटर अकाउंट हैक नहीं हुआ है।

सरमा ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे गहरी चिंता हुई कि मेरे ट्वीट का फर्जी स्क्रीनशॉट पोस्ट किया गया जिसमें आंकड़े बदले हुए हैं। असम पुलिस से कहा है कि तुरंत प्राथमिकी दर्ज करे और असम पुलिस के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से इसकी जांच कराने के लिए कहा है।’’

असम के पत्रकारों के विभिन्न मीडिया समूहों में एक फर्जी ट्वीट का स्क्रीनशॉट लोगों तक पहुंचाया गया गया।

इस तरफ जब सरमा का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने अकाउंट से इस तरह की कोई बात ट्वीट नहीं की है। यह ग्राफिक है। मेरा अकाउंट हैक नहीं हुआ है।’’

सरमा असम के वित्त मंत्री भी हैं और पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक समूह (नेडा) के संयोजक भी हैं, जिसे राजग की तर्ज पर बनाया गया है।

राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की तरफ से रविवार की रात को जारी बुलेटिन के मुताबिक असम में संक्रमित मामलों की संख्या 62 है जिसमें से 26 मामले सक्रिय हैं और दो की मौत हो चुकी है। शेष 34 लोग ठीक हो चुके हैं और अस्पतालों से उन्हें छुट्टी मिल चुकी है।

फर्जी ट्वीट में बताया गया कि राज्य में कोविड-19 से आठ और लोग संक्रमित हुए हैं जिससे संक्रमित लोगों की संख्या 70 हो गई है।

इसमें यह भी दावा किया गया कि ये सभी मामले एक बस से जुड़े हुए हैं जो राजस्थान से लोगों को लेकर राज्य में आई है।

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