उन्हें यह पुरस्कार ‘नीलामी सिद्धांत में सुधार और नए नीलामी स्वरूप के आविष्कार’ के लिए दिया गया है।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव गोरान हैंसन ने सोमवार को स्टॉकहोम में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा की।
अर्थशास्त्र के क्षेत्र में यह पुरस्कार ऐसे समय दिया गया है जब विश्व कोविड-19 महामारी की वजह से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सर्वाधिक भीषण मंदी का सामना कर रहा है।
अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार को तकनीकी रूप से ‘स्वीरिजेज रिक्सबैंक प्राइज’ कहा जाता है और यह वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 1969 में हुई थी और इसे अब नोबेल पुरस्कारों में से ही एक माना जाता है।
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पिछले साल यह पुरस्कार वैश्विक गरीबी को कम करने के प्रयासों के लिए मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के दो अनुसंधानकर्ताओं तथा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अनुसंधानकर्ता को दिया गया था।
पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोना (लगभग 8.27 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है।
एपी
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