संबलपुर (ओडिशा), 29 जुलाई कोरोना वायरस महामारी के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से ओडिशा लौटे लगभग 71 प्रतिशत प्रवासी राज्य में ही स्थायी रोजगार मिलने पर, किसी और जगह प्रवास नहीं करना चाहते। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
पश्चिमी ओडिशा के चार जिलों संबलपुर, बोलांगीर, देवगढ़ और बारगढ़ में यह अध्ययन किया गया है।
इस दौरान वापस लौटे 227 प्रवासियों के साक्षात्कार लिये गए। जिनमें बारगढ़ के 88, संबलपुर के 75, बोलांगीर के 35 और देवगढ़ के 29 प्रवासी शामिल हैं।
प्रवासी कामगारों पर किये गए इस सर्वेक्षण का शीर्षक ''वापस लौटे प्रवासियों की कोविड-19 को लेकर धारणा और सामाजिक तथा प्रवासी स्थिति पर इसके प्रभाव'' है। संबलपुर विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट क्षेत्रीय विकास और जनजातीय अध्ययन केंद्र ने यह अध्ययन किया है।
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प्रोफेसर अरुण कुमार आचार्य ने कहा कि पश्चिमी ओडिशा के इन चार जिलों के लोगों ने मुख्य रूप से रोजगार के लिये प्रवास किया क्योंकि राज्य में उन्हें स्थिर रोजगार नहीं मिल पाया था।
अध्ययन में पाया गया कि अगर इन कामगारों के लिये इनके क्षेत्रों में रोजगार के अच्छे अवसर पैदा किये जाएं, तो ये प्रवास नहीं करेंगे।
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