MP Metro: इंदौर में मेट्रो का परीक्षण, 2028 तक उज्जैन तक मेट्रो लाइन पहुंचाने का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि शहर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी. इसके तहत शहर में करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है. मुख्यमंत्री ने शहर में कुल 1,483.48 करोड़ रुपये की लागत वाली अलग-अलग परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया.
इंदौर: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के प्रायोगिक परीक्षण की शनिवार को झंडी दिखाकर औपचारिक शुरुआत की. राज्य में नवंबर के दौरान विधानसभा चुनाव संभावित हैं. इसलिए मेट्रो रेल परियोजना सियासी तौर पर भी अहम मानी जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा, "इंदौर ने आज टेम्पो से मेट्रो तक का सफर तय कर लिया है. शहर में मेट्रो रेल के प्रायोगिक परीक्षण की शुरुआत नयी परिवहन क्रांति है." चौहान ने कहा कि शहर में मेट्रो रेल की यात्रा दो पहिया वाहन की यात्रा से भी सस्ती साबित होगी और लोक परिवहन के इस आधुनिक साधन से अमीर और गरीब के बीच की खाई मिटेगी. Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के तहखाने की चाबी सौंपने पर विवाद, कोर्ट में सुनवाई पूरी, 4 अक्टूबर को सुनाया जाएगा फैसला
उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शहर की मेट्रो परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था. चौहान ने कहा कि वर्तमान की भाजपा सरकार युद्ध स्तर पर इस परियोजना का काम रिकॉर्ड समय में पूरा कर रही है.
उन्होंने कहा कि शहर में अगले पांच-महीने में मेट्रो का वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और धार्मिक नगरी उज्जैन तक मेट्रो रेल का विस्तार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा,"हमने संकल्प लिया है कि हम उज्जैन में वर्ष 2028 में लगने वाले सिंहस्थ मेले की शुरुआत से पहले मेट्रो रेल लाइन को इंदौर से इस धार्मिक नगरी तक ले जाने का काम पूरा कर लेंगे."
चौहान ने यह घोषणा भी की कि इंदौर और इसके आस-पास के क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी घोषित किया जाएगा ताकि इस इलाके का तेज गति से विकास हो सके.
अधिकारियों ने बताया कि शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन के बीच 5.9 किलोमीटर के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर तीन डिब्बों वाली मेट्रो रेल का प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल की सवारी भी की.
अधिकारियों ने बताया कि शहर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी. इसके तहत शहर में करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है. मुख्यमंत्री ने शहर में कुल 1,483.48 करोड़ रुपये की लागत वाली अलग-अलग परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया. इनमें लव-कुश चौराहे पर बनने जा रहा प्रदेश का पहला ‘‘डबल डेकर’’ (बहुस्तरीय) फ्लाईओवर शामिल है.
चौहान ने इस मौके पर आयोजित समारोह में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास विकास की दूरदृष्टि ही नहीं है. उन्होंने कहा,‘‘कमलनाथ जब मुख्यमंत्री थे, तब हमेशा कहते रहते थे कि सूबे के सरकारी खजाने में धन नहीं है. क्या आपको इस तरह का रोना रोने वाला मुख्यमंत्री पसंद था?’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2023 10:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

