धनबाद, 31 जनवरी झारखंड के धनबाद जिले में स्थित एक अस्पताल में आग लगने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसमें चिकित्सक दंपती समेत पांच लोगों की दम घुटने से मौत हो गयी थी। पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मृत चिकित्सक दंपती के पुत्र आयुष हाजारा ने धनबाद के बैंक मोड़ पुलिस थाने में सोमवार की देर शाम प्राथमिकी दर्ज करवायी। प्राथमिकी में गैर इरादतन हत्या एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से साजिश के तहत अस्पताल की इमारत में आग लगाने के प्रयास का आरोप लगाया गया है ।
बैंक मोड़ पुलिस थाने के प्रभारी पी के सिंह ने बताया, ‘‘चिकित्सक दंपती के बेटे आयुष की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में हमने जांच की शुरूआत की है ।’’
शनिवार को तड़के दो बजे आर सी हाजरा मेमोरियल अस्पताल के स्टोररूम में भीषण आग लग गयी, जिसमें दम घुटने से पांच लोगों की मौत हो गयी थी। यह अस्पताल टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर स्थित है।
प्राथमिकी में आयुष ने इंगित किया है कि यह जांच का विषय है कि जिस स्टोररूम में आग लगी थी वह बंद था। आयुष ने पूछा, ‘‘कोई नहीं वहां जाता है। उस दिन इसे किसने खोला था।’’
उन्होंने कहा कि डॉक्टर विकास हाजरा जिस कमरे में सो रहे थे, उसमें ऊपर छत पर जाने के लिये सीढियां थी, लेकिन इस घटना के बाद बचाव दल को किसी ने इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
नेपाल से रविवार को धनबाद पहुंची चिकित्सक दंपती की बेटी प्रेरणा हाजरा ने बार-बार आरोप लगाया था कि आग कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि यह उसके पिता और मां को मारने की साजिश थी ।
आयुष और प्रेरणा दोनों क्रमश: पुडुचेरी और नेपाल में मेडिकल के छात्र हैं।
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