नयी दिल्ली, सात फरवरी आम आदमी पार्टी (आप) ने महापौर का चुनाव कराए जाने में विलंब किए जाने और मनोनीत पार्षदों को मतदान का अधिकार देने को लेकर मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन की पीठासीन अधिकारी ने एक दिन पहले ही कहा था कि उपराज्यपाल की ओर से मनोनीत सदस्यों को भी महापौर चुनाव में मतदान करने का अधिकार होगा।
‘आप’ के कई नेता और कार्यकर्ता तख्तियां लेकर यहां राउज़ एवेन्यू रोड पर जमा हुए और भाजपा के खिलाफ नारेबाज़ी की।
एमसीडी की पीठासीन अधिकारी पर अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इल्ज़ाम लगाया कि पीठासीन अधिकारी ने सदन में यह दावा करके “जानबूझकर झूठ’’ बोला कि चुनाव में मतदान के संबंध में उच्च न्यायालय का आदेश है।
भारद्वाज ने कहा, “ मनीष सिसोदिया ने कल सुबह ट्वीट किया कि भाजपा महापौर का चुनाव एक बार फिर नहीं होने देगी और हुआ भी ऐसा ही। सब कुछ पहले से तय था। एक-एक वोट की लड़ाई होने के बावजूद भाजपा सांसद सदन में मौजूद नहीं थे।”
उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले एक साल से एमसीडी पर "अवैध रूप से कब्जा" किया हुआ है और भाजपा निगम को जबरन चलाने की कोशिश कर रही है।
‘आप’ नेता ने कहा, “ उच्चतम न्यायालय इस मामले में हमारा अंतिम सहारा होगा, वे अब हमारी एकमात्र उम्मीद हैं। ”
भाजपा मुख्यालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था तथा राउज़ एवेन्य रोड पर कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे।
‘आप’ के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि भाजपा महापौर का चुनाव टालने की कोशिश कर रही है क्योंकि ‘आप’ के पास सदन में अधिक संख्या में वोट हैं।
उन्होंने दावा किया, “ एमसीडी का बजट प्रति वर्ष 16,000 करोड़ रुपये है, भाजपा के भ्रष्टाचार की सीमा निर्धारित करने के लिए इसे 15 साल से गुणा कर दें।”
पाठक ने कहा कि ‘आप’ लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सामना करने के लिए तैयार है लेकिन भाजपा के खिलाफ उसकी लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया, “ भाजपा ने पहले एल्डरमैन (मनोनीत पार्षदों) को एमसीडी सदन में वोट डालने के लिए बुलाकर हंगामा किया। इससे पहले एल्डरमैन ने सदन में कभी वोट नहीं डाला। पीठासीन अधिकारी ने सदन में झूठ बोला और यह और कुछ नहीं बल्कि अदालत की अवमानना है।”
एमसीडी सदन अपने महापौर को चुनने में एक महीने में तीसरी बार सोमवार को नाकाम रहा। महापौर चुनाव में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) को वोट देने की अनुमति देने के फैसले को लेकर सदन में हंगामा हुआ।
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