लखनऊ, 20 फरवरी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उनकी पार्टी के मौजूदा राजनीतिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाने के बाद कांग्रेस पर ‘दोहरे चरित्र वाली जातिवादी' पार्टी होने का आरोप लगाया।
मायावती ने 'एक्स' पर कहा, ''कांग्रेस पार्टी जिन राज्यों में मजबूत है या जहां उनकी सरकारें हैं वहां बसपा व उनके अनुयायियों के साथ द्वेष व जातिवादी रवैया है, किन्तु उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां कांग्रेस कमजोर है, वहां बसपा से गठबंधन की बरगलाने वाली बातें करना उस पार्टी का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?''
मायावती ने यह पोस्ट लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बृहस्पतिवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन बसपा पर 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा विरोधी मोर्चे ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) से दूर रहने का आरोप लगाने के बाद की है।
राहुल ने रायबरेली में दलित छात्रों से बातचीत करते हुए कहा, ''मैं चाहता था कि बहनजी हमारे साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़ें, लेकिन किसी कारण से उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह बेहद निराशाजनक था। अगर तीनों पार्टियां एकजुट होतीं तो भाजपा कभी नहीं जीत पाती।''
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने पिछले साल हुआ लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में साथ मिलकर लड़ा था और ये गठबंधन फैजाबाद सहित 43 सीटें जीतकर सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में भाजपा की बढ़त को सीमित करने में सफल रहा था।
मायावती ने राहुल की टिप्पणी पर पलटवार किया और तर्क दिया कि कांग्रेस के साथ पिछले गठबंधन हमेशा बसपा के लिए हानिकारक रहे हैं।
बसपा प्रमुख ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ''फिर भी बसपा ने उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में जब भी कांग्रेस जैसी जातिवादी पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा है तब हमारा आधार वोट उन्हें स्थानांतरित हुआ है लेकिन वे पार्टियां अपना आधार वोट बसपा को स्थानांतरित नहीं करा पायी हैं। ऐसे में बसपा को हमेशा घाटे में ही रहना पड़ा है।''
मायावती ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''वैसे भी कांग्रेस व भाजपा आदि का चाल, चरित्र, चेहरा हमेशा बाबा साहेब डा. भीमराव आम्बेडकर, उनकी अनुयायी बसपा व उसके नेतृत्व, उनके दलित-बहुजन अनुयायियों एवं आरक्षण आदि का घोर विरोधी रहा है, जिससे देश संविधान का समतामूलक व कल्याणकारी उद्देश्य पाने में काफी पीछे है, जो चिन्ताजनक है।''
रायबरेली के दौरे पर आये लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दलित छात्रों के साथ बातचीत की शुरुआत मायावती की प्रशंसा से की थी। उन्होंने भारतीय राजनीति में बसपा के संस्थापक कांशीराम की भूमिका के बारे में बात की।
मायावती के मौजूदा राजनीतिक रुख पर सवाल उठाने से पहले उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि कांशीराम जी ने नींव रखी और बहनजी (मायावती) ने उस पर निर्माण किया।''
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