देहरादून, 18 जून मैक्स कारपोरेट सर्विस ने हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान कथित फर्जी कोविड जांच को लेकर अपने खिलाफ दर्ज मामले को चुनौती देने के लिए शुक्रवार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया ।
कंपनी के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि कंपनी ने अदालत के सामने दलील दी है कि धार्मिक आयोजन के दौरान किसी फर्जी कोविड जांच कराने में उसकी कोई भूमिका नहीं है ।
कंपनी ने कहा कि उसने आइसीएमआर द्वारा मंजूरी प्राप्त लैबों, नलवा लैबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और डा लालचंदानी लैब्स लिमिटेड के साथ समझौता किया था और मैक्स कारपोरेट सर्विस केवल एक सेवा प्रदाता कंपनी थी ।
गुप्ता ने बताया कि अगर कोई फर्जी जांच हुई है तो मैक्स कारपोरेट सर्विस की इसमें कोई भूमिका नहीं है और वास्तव में वह इसकी जांच में सहयोग करने की इच्छुक है ।
उन्होंने कहा, ' हमने अदालत के सामने दलील दी है कि हमारे मुवक्किल ने सरकार के वर्क आर्डर के अनुसार इन दोनों लैब के जरिए जांच करवायी । सभी नमूनों का कलेक्शन और अन्य डाटा एन्ट्री सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों की जानकारी और निगरानी में हुआ ।'
गुप्ता ने बताया, 'हमने माननीय अदालत से याचिकाकर्ता को पुलिस के किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से संरक्षण देने की प्रार्थना की है । सरकार किसी भी तरीके से जांच करे, हमारे मुवक्किल जांच में सहयोग के लिए तैयार और इच्छुक हैं ।'
उन्होंने बताया कि उन्होंने आज ही याचिका दायर की है और उम्मीद है कि इस पर जल्द सुनवाई होगी ।
हरिद्वार के मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा की शिकायत पर बृहस्पतिवार को मैक्स कारपोरेट सर्विस और दो निजी लैबों, डा लालचंदानी लैब और नलवा लैबोरेटरीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है ।
आरोपी कंपनी और दोनों लैबों पर महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के अलावा भारतीय दंड विधान की धारा 120 बी तथा 420 सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं ।
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