नागपुर (महाराष्ट्र), नौ सितंबर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने जालना जिले में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मनोज जरांगे की मांग से शनिवार को असहमति जतायी और कहा कि बल प्रयोग का आदेश देने वाले लोगों को जवाबदेह ठहराना चाहिए।
जरांगे मराठा समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले 12 दिन से अनशन कर रहे हैं।
पुलिस ने पिछले सप्ताह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में हिंसक भीड़ पर उस समय लाठीचार्ज किया था जब प्रदर्शनकारियों ने जरांगे को अस्पताल में भर्ती कराने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था। मराठा आरक्षण का मामला राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
इस हिंसा में 40 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए और राज्य परिवहन की 15 से अधिक बसों को फूंक दिया गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता देशमुख ने कहा, ‘‘इसमें इन (पुलिस) अधिकारियों का क्या कसूर है? लाठीचार्ज का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’’
जालना में पुलिस कार्रवाई के बाद राज्यभर में मराठा समुदाय के लोगों ने और अधिक प्रदर्शन किए तथा सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
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