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विश्व के कई नेताओं ने कोविड-19 टीकों की खेप के लिए भारत को धन्यवाद दिया

विश्व के कई नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए कोविड-19 टीकों की खुराक की ‘‘शीघ्र एवं उपयोगी’’ खेप के जरिए कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने में मदद एवं सहयोग देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया.

विश्व के कई नेताओं ने कोविड-19 टीकों की खेप के लिए भारत को धन्यवाद दिया
कोरोना वैक्सीन (Photo credits: PTI)

संयुक्त राष्ट्र, 29 सितंबर : विश्व के कई नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए कोविड-19 टीकों की खुराक की ‘‘शीघ्र एवं उपयोगी’’ खेप के जरिए कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने में मदद एवं सहयोग देने के लिए भारत को धन्यवाद दिया. विश्व के कई नेताओं ने 21 सितंबर से 27 सितंबर तक आयोजित यूएनजीए के 76वें सत्र की महासभा में टीकों के निर्यात एवं अन्य आवश्यक चिकित्सकीय वस्तुओं की आपूर्ति के जरिए मदद करने के लिए भारत एवं अन्य देशों का आभार व्यक्त किया. सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी ने अपने संबोधन में उन देशों और संगठनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने ‘‘एकजुटता दिखाई और इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में मेरे देश और लोगों को प्रारंभिक चरण में बहुमूल्य समर्थन प्रदान किया.’’

संतोखी ने कहा, ‘‘हम विशेष रूप से नीदरलैंड, भारत, चीन और अमेरिका को धन्यवाद देते हैं.’’ नाउरू के राष्ट्रपति लियोनेल रूवेन एंगिमिया ने कहा कि कोविड-19 से निपटने और लोगों का टीकाकरण करने के उनके देश के प्रयास “हमारे सहयोगियों के मूल्यवान समर्थन के बिना संभव नहीं हो पाते. हम अपने सच्चे मित्रों ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और चीन गणराज्य (ताइवान) की निरंतर सहायता के लिए उनके वास्तव में आभारी हैं.” नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी ने कहा कि उनका देश दुनिया भर में अपने सहयोगियों और दोस्तों से मिली सहायता के लिए आभारी है. बुहारी ने कहा, ‘‘महामारी से निपटने के लिए टीकाकरण अहम है. हम कोवैक्स पहल का पूरी तरह से समर्थन करते हैं जिससे हमें लाभ हुआ है. हम टीके उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका, तुर्की, भारत, चीन, यूरोपीय संघ और अन्य को भी धन्यवाद देते हैं.’’

सेंट लुसिया के प्रधानमंत्री फिलिप पियरे ने कहा कि कोरोना वायरस के ‘‘छली’’ स्वभाव के कारण यह अत्यधिक सुरक्षा वाली सीमाओं को भी पार करके दुनियाभर में फैल गया. उन्होंने कहा,‘‘हम कोवैक्स सुविधा जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और भारत एवं अमेरिका जैसे हमारे कई द्विपक्षीय साझेदारों का दिल से आभार व्यक्त करते है, जिन्होंने टीकों तक हमारी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद की.’’ भारत 'वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत 2021 की चौथी तिमाही में कोविड-19 टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा और कोवैक्स वैश्विक पूल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगा. देश में इस साल अप्रैल में महामारी की दूसरी लहर आने के बाद भारत सरकार ने कोविड-19 टीकों के निर्यात को रोक दिया था. भारत ने अनुदान, वाणिज्यिक खेप और कोवैक्स सुविधा के माध्यम से लगभग 100 देशों को छह करोड़ 60 लाख से अधिक टीकों की खुराक का निर्यात किया है.

सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस ने कहा, ‘‘मैं कैरेबियन द्वीप को कोविशील्ड एस्ट्राजेनेका टीकों का शीघ्र और उपयोगी उपहार देने के लिए भारत गणराज्य की सरकार को धन्यवाद देता हूं. अफसोस की बात है कि उत्तरी अटलांटिक में कम से कम एक देश ने कोविशील्ड लेने वाले व्यक्तियों के प्रवेश को मान्यता देने से इनकार कर दिया है.’’ उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित टीके का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिसे ब्रिटेन के नए अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों के तहत कोविड-19 के मान्यता प्राप्त टीकों की सूची में शामिल नहीं किया गया था. घाना के राष्ट्रपति नाना अडो डंकवा अकुफो-अडो ने भी भारत में निर्मित कोविड-19 रोधी टीके ‘कोविशील्ड’ को ‘‘यूरोप के कुछ देशों’’ से यात्रियों के लिए मान्यता नहीं मिलने को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया और कहा कि यह आव्रजन नियंत्रण के लिए एक उपकरण के रूप में टीकों का सहारा लेना ‘‘वास्तव में प्रतिगामी कदम’’ होगा. यह भी पढ़ें : चिली ने 6 से 11 साल के बच्चों को कोविड के खिलाफ टीका लगाना शुरू किया

अकुफो-अडो ने कहा था कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में यूरोप के कुछ देशों ने हाल ही में भारत में निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ‘कोविशील्ड’ टीके को मान्यता नहीं दी. उन्होंने कहा, ‘‘ दिलचस्प बात यह है कि इन्हीं टीकों को अफ्रीकी देशों को ‘कोवैक्स’ पहल के माध्यम से दान किया गया. आव्रजन नियंत्रण के लिए एक उपकरण के रूप में टीकों का उपयोग वास्तव में एक प्रतिगामी कदम होगा.’’ फिजी के प्रधानमंत्री जोसिया बैनिमाराम ने भी टीके मुहैया कराने के लिए भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अमेरिका का धन्यवाद दिया. डोमिनिका के विदेश मामलों के मंत्री केनेथ डारॉक्स ने भारत और अन्य देशों से प्राप्त टीके की खुराक के लिए उनका आभार व्यक्त किया. नेपाल के नए विदेश मंत्री नारायण खड़का ने विश्व के नेताओं को संबोधित करते हुए वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में हिमालयी देश की मदद करने के लिए भारत और चीन का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘‘हम कोविड संकट से निपटने में मदद करने के लिए हमारे निकट पड़ोसियों भारत एवं चीन के आभारी हैं.’’

उन्होंने महामारी के खिलाफ नेपाल की लड़ाई में टीके, महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण और दवाएं उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और अन्य ‘‘मित्र देशों’’ को भी धन्यवाद दिया. ऑट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मॉरिसन ने कहा, ‘‘हम टीकों की लाखों खुराक खरीदने के लिए 62 करोड़ डॉलर से अधिक निवेश कर रहे हैं और मित्रों एवं पड़ोसियों को तकनीकी सलाह, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण और शीत श्रृंखला संबंधी सहयोग मुहैया करा रहे है. इमसें हमारे अच्छे मित्रों अमेरिका, भारत और जापान के साथ क्वाड टीका साझेदारी के जरिए 10 करोड़ डॉलर का योगदान शामिल है.’’ भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग ने भी कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र और अन्य साझेदारों के अलावा भारत सरकार का धन्यवाद करते हैं, जिसने इन वर्षों में बिना किसी शर्त केक सहयोग दिया. इसके अलावा टोंगा के प्रधानमंत्री पोहिवा तुइओनेतोआ ने न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, अमेरिका, भारत, संयुक्त अरब अमीरात और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का आभार व्यक्त किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2021 12:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).