देश की खबरें | असम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में किसानों की अन्य कई श्रेणियां शामिल

गुवाहाटी, 22 जुलाई असम मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को ऐसे किसानों की कुछ श्रेणियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ के दायरे में लाने का फैसला किया है जिनके पास आवश्यक भूमि पट्टे नहीं हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अनेक किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई जो इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित हैं।

शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने बैठक के बाद बताया कि मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि ऐसे किसान जिनके पास वार्षिक पट्टा है, जो मंदिर आदि की जमीनों पर फसल उगाते हैं, किसान जो वन अधिकार कानून के तहत पट्टे पाने के अधिकारी हैं, छोटे चाय उत्पादक और बागवानी किसानों को भी इस योजना के दायरे में लाने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि असम सरकार ने इस योजना के तहत लाभ देने के लिए करीब 36 लाख किसानों को चिह्नित किया है। मंत्रिमंडल के बृहस्पतिवार के फैसले से राज्य में करीब 11.72 लाख और किसानों को लाभ मिलेगा।

करीब पांच लाख किसान जिन्हें पहले योजना के लिए चुना गया था, कथित रूप से उनका कोई अस्तित्व नहीं मिला है।

असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने राज्य प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत ऐसे किसानों को धन वितरण की सीबीआई जांच की मांग की जो इसकी पात्रता नहीं रखते, वहीं कई किसान ऐसे हैं जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। बृहस्पतिवार को बोरा ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र को इस गंभीर घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए जिसमें ऐसे 11.72 लाख किसानों को कोष वितरित किए गए जो पात्रता नहीं रखते हैं तथा अन्य पांच लाख ऐसे हैं जिनका आस्तित्व ही नहीं है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)