जरुरी जानकारी | देश में उन्नत रसायन बैटरियों का विनिर्माण जनवरी तक शुरू होने की उम्मीदः मंत्री

नयी दिल्ली, 12 सितंबर भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने मंगलवार को कहा कि देश में उन्नत रसायन बैटरी का उत्पादन अगले साल जनवरी तक शुरू होने की संभावना है।

सरकार ने मई, 2021 में उन्नत रसायन बैटरियों (एसीसी) का घरेलू स्तर पर विनिर्माण करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की मंजूरी देते हुए इसके लिए 18,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था।

उन्नत रसायन बैटरी नई पीढ़ी की उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी है जो इलेक्ट्रिक ऊर्जा का इलेक्ट्रो-रसायन या रासायनिक ऊर्जा के तौर पर भंडार कर सकती है। उन्नत बैटरी जरूरत पड़ने पर इस ऊर्जा को दोबारा इलेक्ट्रिक ऊर्जा में भी बदलने की क्षमता रखती है।

पांडेय ने यहां वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के 63वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल दिसंबर या अगले साल जनवरी तक देश में एसीसी बैटरियों का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

देश में फिलहाल एसीसी बैटरियों की जरूरत को आयात के जरिये पूरा किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार पीएलआई के अलावा फेम योजना के जरिये वाहन उद्योग की मदद करती रही है। फेम योजना के तहत हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग के लिए लाई गई 25,938 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को उद्योग जगत से अच्छा समर्थन मिला है। इसे देखते हुए उद्योग जगत से परामर्श के बाद इस योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

इस अवसर पर पांडेय ने बताया कि सरकार ने वाहनों एवं कलपुर्जों के परीक्षण के लिए दो अन्य एजेंसियों को भी जोड़ा है। अब चेन्नई स्थित ग्लोबल ऑटोमेटिक रिसर्च सेंटर (जीएआरसी) और मध्य प्रदेश स्थित नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स परीक्षण गतिविधियों का हिस्सा हैं।

अभी तक सिर्फ दो जगहों पर ही वाहन एवं कलपुर्जों का परीक्षण होता रहा है। इनमें पुणे स्थित ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और हरियाणा के मानेसर में स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) शामिल हैं।

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