चंडीगढ़, 20 मई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में नौकरशाहों के तबादले संबंधी केंद्र के अध्यादेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा साधते हुए शनिवार को कहा कि अगर संविधान में ‘‘लोकतंत्र के कातिलों’’ के लिए सजा का प्रावधान होता तो पूरी पार्टी को ‘‘फांसी दी जा सकती थी’’।
मान की यह टिप्पणी केंद्र सरकार द्वारा ‘दानिक्स’ (दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली (सिविल) सेवा) कैडर के ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के वास्ते ‘राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण’ गठित करने के लिए अध्यादेश जारी करने के एक दिन बाद आई है।
गौरतलब है कि अध्यादेश जारी किए जाने से महज एक सप्ताह पहले ही उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था।
मान ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अगर भारतीय संविधान में लोकतंत्र के कातिलों को सजा का प्रावधान होता तो पूरी भाजपा को फांसी की सजा हो सकती थी।’’
उनके इस ट्वीट को तबादले संबंधी अध्यादेश के मद्देनजर केंद्र पर हमले के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘देश को 30-31 राज्यपालों और एक प्रधानमंत्री को चलाने दें। चुनाव पर करोड़ों रुपये खर्च करने का क्या फायदा?’’
इससे पहले, आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने भी अध्यादेश के कदम को उच्चतम न्यायालय के आदेश की ‘‘सरासर अवहेलना’’ करार देते हुए केंद्र पर हमला बोला।
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