हैदराबाद, 13 मई प्रेरक मांकड़ (45 गेंद में नाबाद 64 रन) की पहली अर्धशतकीय पारी के साथ मार्कस स्टोइनिस (25 गेंद में 40 रन) और निकोल्स पूरन (13 गेंद में नाबाद 44 रन) की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से लखनऊ सुपरजायंट्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में शनिवार को यहां सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से शिकस्त दी. मांकड ने अपनी पारी में सात चौके और दो छक्के लगाये जबकि स्टोइनिस ने दो चौके और तीन छक्के जड़े. पूरन ने तीन चौके और चार छक्के जड़ टीम की जीत सुनिश्चित की. यह भी पढ़ें: लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 7 विकेट से हराया, प्रेरक मांकड़, निकोलस पूरन ने खेली मैच जिताऊ पारी
सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 182 रन बनाये. लखनऊ सुपरजायंट्स ने 19.2 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. इस जीत से लखनऊ की टीम 12 मैचों में 13 अंक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गयी. हैदराबाद के 11 मैच में आठ अंक है और टीम के लिए प्लेऑफ में जगह बनाने की राह अब काफी कठिन हो गयी है.
लखनऊ ने 54 रन तक तीन विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद मांकड़ और स्टोइनिस ने तीसरे विकेट के लिए 43 गेंद में 73 की साझेदारी कर मैच में टीम की वापसी करायी तो वहीं मंकड़ और पूरन की 23 गेंद में 58 रन की अटूट साझेदारी ने टीम की जीत पर मुहर लगायी.
इससे पहले हेनरिच क्लासेन (47) और अब्दुल समद (नाबाद 37) के बीच छठे विकेट के लिए 40 गेंद में 58 रन की साझेदारी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद ने प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया.
क्लासेन ने 29 गेंद की पारी में तीन चौके और इतने ही छक्के लगाये जबकि समद ने 25 गेंद की पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े.
टीम के लिए अनमोलप्रीत सिंह (27 गेंद में 36), कप्तान एडेन मार्कराम (20 गेंद में 28 रन) और राहुल त्रिपाठी (13 गेंद में 20 रन) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे.
लखनऊ सुपरजायंट्स के लिए कप्तान कृणाल पंड्या ने चार ओवर में 24 रन देकर दो विकेट लिये. युद्धवीर सिंह, आवेश खान, यश ठाकुर और अमित मिश्रा को एक-एक सफलता मिली.
लक्ष्य का बचाव करते हुए हैदराबाद के गेंदबाजों ने शुरुआती दो ओवरों में सिर्फ चार रन खर्च किये. तीसरे ओवर में क्विंटन डिकॉक ने चौका लगाया जबकि इसी ओवर में काइल मायर्स ने 11वीं गेंद पर अपना खाता खोला। वह हालांकि अगले ओवर में कामचलाऊ गेंदबाज ग्लेन फिलिप्स की गेंद पर आउट हो गये। उन्होंने 14 गेंद में दो रन बनाये.
प्रेरक मांकड़ ने छठे ओवर में फजलहक फारूखी के खिलाफ लगातार गेंदों में चौके जड़े, जिससे पावर प्ले के बाद टीम का स्कोर एक विकेट पर 30 रन था.
डिकॉक ने अगले ओवर में मयंक मार्कंडेय के खिलाफ लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर रन गति को तेज किया लेकिन इस गेंदबाज ने अपने अगले ओवर में चौका खाने के बाद उन्हें फिरकी में फंसा लिया.
इसके बाद प्रेरक मांकड़ और स्टोइनिस अगले कुछ ओवरों में संभल कर बल्लेबाजी की. मांकड़ ने 14वें ओवर में मार्कंडेय के खिलाफ छक्का और चौका लगाने के बाद 15वें ओवर में भुवनेश्वर के खिलाफ एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। स्टोइनिस ने इसी ओवर में अपना पहला छक्का लगाया.
मैच का 16वां ओवर खास रहा। स्टोइनिस ने अभिषेक शर्मा के खिलाफ लगातार दो छक्के जड़े लेकिन तीसरे गेंद पर आउट हो गये। निकोल्स पूरन ने क्रीज पर आते ही अगली तीन गेंदों पर छक्का जड़ दिया। टीम ने इस ओवर से 31 रन बटोरे और यहां से मैच का रुख मुड़ गया.
मांकड़ ने 17वें ओवर में नटराजन के खिलाफ छक्का और चौका लगाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया. पूरन ने नटराजन की गेंद पर छक्का लगाने के बाद फारुखी के खिलाफ आखिरी ओवर में चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी.
इससे पहले युद्धवीर ने मैच के तीसरे ओवर में अभिषेक शर्मा (पांच गेंद में सात रन) को विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच करा कर टीम को पहली सफलता दिलायी.
अगले ओवर में त्रिपाठी ने कप्तान कृणाल पंड्या के खिलाफ दो चौके जड़े। उन्होंने पांचवें ओवर में आवेश खान का स्वागत लगातार दो चौकों से किया। इसी ओवर में सलामी बल्लेबाज अनमोलप्रीत सिंह ने भी दो चौका लगा कर टीम के स्कोर को 50 के पार पहुंचाया.
अगले ओवर में यश ठाकुर के बाउंसर पर त्रिपाठी गच्चा खाकर विकेट के पीछे कैच दे बैठे.
मार्कराम ने नौवें ओवर में अमित मिश्रा के खिलाफ छक्का लगाया लेकिन अनुभवी लेग स्पिनर ने इसी ओवर में अपनी ही गेंद पर अनमोलप्रीत का शानदार कैच लपका.
क्रीज पर आये हेनरिच क्लासेन ने चौके के खाता खोला. उन्होंने 12वें ओवर में रवि बिश्नोई के खिलाफ चौका और छक्का लगाया। अगले ओवर में कृणाल ने लगातार गेंदों पर मार्कराम और ग्लेन फिलिप्स (शून्य) को चलताकर लखनऊ को दोहरी सफलता दिलायी.
अब्दुल समद ने 14वें ओवर में ठाकुर के खिलाफ छक्का लगाया तो वहीं क्लासेन ने 16वें ओवर में मिश्रा की लगातार गेंदों को दर्शकों के पास भेजा.
समद ने अगले ओवर में कृणाल के खिलाफ छक्का लगाकर टीम के स्कोर को 150 के पार पहुंचाया.
आवेश ने 19वें ओवर में समद से छक्का और क्लासेन से चौका खाने के बाद दक्षिण अफ्रीका के इस बल्लेबाज को कैच आउट कराया।यश ठाकुर ने आखिरी ओवर में समद से छक्का खाने के बाद भी सिर्फ नौ रन खर्च किये.
इस बीच हैदराबाद की पारी के 19वें ओवर में दर्शकों के खराब बर्ताव के कारण मैच में थोड़ी देर की रुकावट आयी.
आवेश खान ने अब्दुल समद को गेंद बीमर की तरह फेंकी और मैदानी अंपायर ने इसे नो-बॉल नहीं करार दिया. सनराइजर्स हैदराबाद ने इसके बाद डीआरएस लिया लेकिन तीसरे अंपायर ने भी इसे वैध गेंद करार दिया.
तीसरे अंपायर के फैसले के बाद समद के साथ बल्लेबाजी कर हेनरिच क्लासेन ने मैदानी अंपायरों से बात की क्योंकि टेलीविजन रीप्ले और ‘बॉल ट्रेकर’ में गेंद बल्लेबाज कमर के साथ विकेट के ऊपर से निकलती हुई दिख रही थी.
इसके बाद लखनऊ सुपरजायंट्स के मुख्य कोच एंडी फ्लावर और मेंटर गौतम गंभीर को टीम के अन्य सदस्यों के साथ डग-आउट से उठकर सीमा रेखा के पास आ गये। वे दर्शक दीर्घा की ओर कुछ इशारा कर रहे थे.
ऐसा लग रहा था कि भीड़ में से किसी ने कुछ फेंक दिया हो. दर्शक इसके साथ ही ‘कोहली-कोहली’ का नारा लगा रहे थे। वे शायद गंभीर को चिढ़ाने की कोशिश कर रहे जिनका कुछ समय पहले भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के साथ विवाद हो गया था.
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