इम्फाल, एक मार्च मणिपुर विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान ड्यूटी पर तैनात चुनाव कर्मी पर हमला करने के आरोप में कांग्रेस उम्मीदवार को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया और बाद में आधी रात को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कांगपोकपी जिले के सैतु निर्वाचन क्षेत्र में लमतिनथांग हाओकिप के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की और इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करार दिया।
न्यू कीथेलमांबी मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी ने इम्फाल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि हाओकिप ने उन पर कथित रूप से हमला किया था। इसके बाद होओकिप के खिलाफ ‘‘कर्तव्य का निर्वहन कर रहे लोक सेवक पर हमला करने की मंशा’’ समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मतदान जारी रहने के दौरान हाओकिप को गिरफ्तार किया गया और आधी रात को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
हाओकिप के मतदान अभिकर्ता (पोलिंग एजेंट) एंड्रयू गंगमेई ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश अग्रवाल को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि मतदान केंद्र पर भाजपा समर्थकों द्वारा कब्जा किए जाने और फर्जी वोट डाले जाने की शिकायतें मिलने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मतदान केंद्र पर पहुंचे थे।
पत्र में कहा गया, ‘‘उन्होंने चुनाव अधिकारी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि लोगों को उनके विवेक और उनकी पसंद के अनुसार वोट डालने की अनुमति दी जाए, लेकिन उन्होंने इसके जवाब में बहुत अशोभनीय व्यवहार किया।’’
गंगमेई ने कहा कि इससे कांग्रेस उम्मीदवार को गुस्सा आ गया और हाथापाई शुरू हो गई तथा इस दौरान एक ईवीएम क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने दावा किया कि पीठासीन अधिकारी ने भाजपा उम्मीदवार के कहने पर शिकायत दर्ज कराई।
रमेश ने कहा, ‘‘मैंने गत रात सैतु से कांग्रेस उम्मीदवार लमतिनथांग हाओकिप से मुलाकात की, जिन्हें भाजपा के शीर्ष नेताओं द्वारा किए गए एक निर्लज्ज कृत्य के तहत पूर्वाह्न 10 बजे अवैध और अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया गया था। मेरे साथी को रात करीब सवा 12 बजे जमानत पर रिहा किया गया, लेकिन मतदान के दिन उन्हें उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से स्पष्ट रूप से वंचित किया गया था।’’
रमेश कांग्रेस समर्थकों के साथ पुलिस थाने भी गए थे।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा की गई लोकतंत्र की हत्या है।’’
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