देश की खबरें | मालाबार अभ्यास का भविष्य में विस्तार हो सकता है : अमेरिकी एडमिरल

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर अमेरिकी नौसैन्य अभियान के प्रमुख एडमिरल माइकल गिल्डे ने मंगलवार को कहा कि भविष्य में मालाबार नौसैन्य अभ्यास का विस्तार हो सकता है लेकिन इस पर कोई भी फैसला चार क्वाड सदस्य देशों को लेना होगा।

भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर आए एडमिरल गिल्डे ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के लिए ‘‘अहम’’ बताया।

उन्होंने मालाबार अभ्यास का भविष्य में विस्तार करने की संभावना पर टिप्पणियां तब की है जब चार क्वाड देशों भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच बंगाल की खाड़ी में बड़े नौसैन्य युद्धाभ्यास का दूसरा चरण शुरू हुआ।

एडमिरल गिल्डे ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भविष्य में निश्चित तौर पर अभ्यास का विस्तार हो सकता है। मुझे लगता है कि यह फैसला क्वाड देशों के साझेदारों पर है। लेकिन याद रखिए कि हिंद प्रशांत में कई अभ्यास चलते हैं जहां वैश्विक तौर पर हर साल समान विचारधारा वाले सहयोगी और साझेदार एक साथ मिलकर काम करते हैं।’’

अमेरिकी नौसैन्य अभियानों के प्रमुख ने मंगलवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से विस्तार से वार्ता की जिसमें द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

यह पूछने पर कि क्या त्रिपक्षीय ‘ऑकस’ सुरक्षा गठबंधन से क्वाड की रणनीतिक महत्ता कम होगी, इस पर शीर्ष अमेरिकी नौसैन्य कमांडर ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन कहा कि अमेरिका और भारत के बीच ‘‘स्वाभाविक साझेदारी’’ है और दोनों देश मुक्त एवं खुले समुद्री क्षेत्र, क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के साझा मूल्यों, कानून की व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए सम्मान सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।

चीन के अपने नौसैन्य शक्ति का विस्तार करने पर उन्होंने कहा कि चीन का निवेश मजबूत रहा है और अमेरिका भी अपनी क्षमताएं मजबूत कर रहा है।

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