तिरुवनंतपुरम, 26 फरवरी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की प्रसारणकर्ता संस्था प्रसार भारती के खबरों के एकमात्र स्रोत के रूप में कथित रूप से संघ परिवार से जुड़ी एक समाचार एजेंसी को नियुक्त करके ‘खबरों का भगवाकरण’ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिंदुस्तान समाचार को प्रसार भारती के लिए खबरों का एकमात्र स्रोत नियुक्त करने के केंद्र के फैसले का जिक्र कर रहे थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में विजयन ने कहा कि पीटीआई और यूएनआई जैसी एजेंसियों की सेवा समाप्त करके प्रसार भारती के समाचार स्रोत के रूप में हिंदुस्तान समाचार को नियुक्त करना ‘खबरों का भगवाकरण’ करने के समान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को संघ परिवार के तहत लाने का प्रयास है और लोकतंत्र के लिए खतरा है।
विजयन ने बयान में दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी शंकर आप्टे ने हिंदुस्तान समाचार की स्थापना की थी जो विश्व हिंदू परिषद के संस्थापक महासचिव भी थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार भाजपा के सत्ता में आने के बाद से प्रसार भारती पर नियंत्रण का प्रयास कर रहा है।
विजयन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रकाशनों पांचजन्य तथा ऑर्गेनाइजर के समूह संपादक जगदीश उपासने को प्रसार भारती भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करने के केंद्र सरकार का 2020 के फैसले से यह बात साफ है।
उन्होंने दावा किया कि इसके अलावा प्रसार भारती ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के विजया दशमी भाषण का सीधा प्रसारण किया, लेकिन त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण को प्रसारित नहीं किया।
विजयन ने आरोप लगाया कि इन सबसे इस फासीवादी सोच के क्रियान्वयन का संकेत मिलता है कि असहमति का कोई स्वर नहीं सुना जाना चाहिए।
उन्होंने देश के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक समाज से लोकतंत्र पर मंडरा रहे इस खतरे को पहचानने और इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
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