चंडीगढ़, 11 जनवरी बीते दिसम्बर में अपने खिलाफ एक मामला दर्ज होने के बाद से शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पहली बार मंगलवार को सार्वजनिक तौर पर सामने आए और पंचकुला के गुरुद्वारा में उन्होंने मत्था टेका।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) मामले में उन्हें सोमवार को अग्रिम जमानत दी थी। उन्हें बुधवार को जांच में शामिल होने के लिए पुलिस के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया था।
पंजाब के पूर्व मंत्री को सुनवाई की अगली तारीख तक देश न छोड़ने को भी कहा गया है। उन्हें व्हाट्सऐप के जरिये अपनी ‘‘लाइव लोकेशन’’ की जानकारी जांच एजेंसी के साथ साझा करने के लिए कहा गया है।
मजीठिया को यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर नाडा साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकने और अरदास के दौरान पीली पगड़ी और जींस पहने देखा गया।
पंजाब में मादक पदार्थ रैकेट की जांच की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर 46 वर्षीय अकाली नेता के खिलाफ पिछले साल 20 दिसंबर को एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मादक पदार्थ-रोधी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने 2018 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल की थी।
पुलिस की छापेमारी के बावजूद मजीठिया को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।
मजीठिया सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।
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