देश की खबरें | महात्मा गांधी तस्वीर क्षतिग्रस्त मामला: राहुल के वायनाड कार्यालय के दो कर्मचारी समेत चार गिरफ्तार

वायनाड (केरल), 19 अगस्त केरल में लगभग दो महीने पहले एसएफआई के विरोध प्रदर्शन जुलूस के दौरान, महात्मा गांधी की तस्वीर को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने के मामले में शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वायनाड कार्यालय के दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने ‘ईको-सेंसिटिव जोन’ (ईएसजेड) के मुद्दे पर 24 जून को यहां राहुल के कार्यालय की ओर एक जुलूस निकाला था।

मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूछताछ के लिए बुलाने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाद में आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (दंगा करने के इरादे से भड़काना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कांग्रेस नेता और कलपेट्टा से विधायक टी. सिद्दीकी ने कहा कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों में से दो व्यक्ति राहुल गांधी के कार्यालय के कर्मचारी हैं।

उन्होंने कहा कि एक निजी सहायक और दूसरा सहायक है, जबकि अन्य दो पार्टी के कार्यकर्ता हैं। गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर फर्जी आरोप लगाए गए हैं।

सिद्दीकी ने कहा, “मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की पूरी जानकारी में गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को खुश करने के लिए यह कदम उठाया है।”

केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के. सुधाकरन ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से निर्देशित ‘‘साजिश’’ का हिस्सा है।

सुधाकरन ने एक बयान में कहा, “केरल सरकार और पुलिस शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना रही है। यह गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि किस आधार पर कांग्रेस के निर्दोष कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जांच शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री ने घोषणा कर दी कि आरोपी कांग्रेसी हैं।”

माकपा नेता और राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी. ए. मुहम्मद रियास ने कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने गांधी की तस्वीर को नुकसान पहुंचाया और एसएफआई कार्यकर्ताओं पर इसका दोष मढ़ा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)