नयी दिल्ली, 26 जून राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस्मानाबाद जिले में कुएं खोदने के लिये रखे गए 11 मजदूरों को भागने से रोकने के लिए एक ठेकेदार द्वारा कथित तौर पर उन्हें जंजीरों से बांधने के मामले में महाराष्ट्र सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आयोग ने एक बयान में कहा कि इस मामले में ठेकेदार द्वारा बंधुआ श्रम व्यवस्था (उन्मूलन) अधिनियम के प्रावधानों का “घोर उल्लंघन” किया गया है।
उसने कहा कि यह घटना स्पष्ट रूप से “कानून के डर के बिना, ठेकेदारों द्वारा मजदूरों पर की जाने वाली ऐसी क्रूरता से सुरक्षा में स्थानीय प्रशासन की विफलता” को इंगित करती है। अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहे अधिकारियों से कानून के अनुसार निपटा जाना आवश्यक है।
आयोग ने कहा, यदि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री सच है, तो यह मजदूरों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
एनएचआरसी ने “एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है कि महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में कुएं खोदने और भागने से रोकने के लिए ठेकेदार द्वारा 11 मजदूरों को जंजीरों से बांध कर रखा गया था।”
खबर के अनुसार मजदूरों को बिना किसी मजदूरी के प्रतिदिन 12 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्हें दिन में एक बार भोजन मिलता था और उन्हें कुएं के अंदर ही शौच आदि से निवृत्त होना पड़ता था।
बयान में कहा गया कि उन्हें 17 जून को बचाया गया, जब उनमें से एक मौके से किसी तरह भागने में कामयाब रहा और राज्य के हिंगोली जिले में अपने गांव पहुंचा। इसमें कहा गया कि उसने पुलिस को यातना के बारे में सूचित किया जिसके बाद उन लोगों को वहां से बचाया गया।
आयोग ने कहा कि इस मामले में पुलिस द्वारा केवल बचाव और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी से “उद्देश्य पूरा नहीं होने वाला” है। तदनुसार, उसने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY