Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने पटोले के फोन टैपिंग के आरोपों की जांच के लिए समिति बनायी
महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले द्वारा लगाए फोन टैपिंग के आरोपों की जांच के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पाण्डेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. राज्य के खुफिया विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) इस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा होंगे.
मुंबई, 10 जुलाई : महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले द्वारा लगाए फोन टैपिंग के आरोपों की जांच के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पाण्डेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. राज्य के खुफिया विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) इस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा होंगे. इस हफ्ते राज्य विधानसभा के दो दिवसीय मॉनसून सत्र के दौरान गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने सदन में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की थी.
पटोले का आरोप है कि 2016-17 के दौरान उनका फोन टैप किया गया जब वह संसद के सदस्य थे और देवेंद्र फडणवीस राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उनका फोन इस आड़ में टैप किया गया कि यह मादक पदार्थ के तस्कर अमजद खान का नंबर है. सरकार ने शुक्रवार शाम को आदेश जारी करते हुए कहा कि समिति मामले की जांच करेगी और तीन महीने में विधानसभा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. आदेश में कहा गया है, ‘‘अगर फोन पर निगरानी रखना राजनीति से प्रेरित पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी.’’ यह भी पढ़ें : COVID-19 Third Wave: लोग कर रहे हैं कोरोना प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन, तीसरी लहर आई तो इसके लिए वे ही होंगे जिम्मेदार
पटोले ने जब सदन में इस मुद्दे को उठाया तो कई सदस्यों ने उच्च स्तरीय जांच कराने का समर्थन किया. पटोले विदर्भ क्षेत्र के भंडारा क्षेत्र में सकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने पहले कांग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था. हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फडणवीस के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए 2017 में भगवा पार्टी भी छोड़ दी थी और कांग्रेस में लौट आए थे.